नई दिल्ली। अभिनेता रणदीप हुड्डा का मानना है कि किसी को भी अपने सपनों के पीछे जाने और उसे पूरा करने की कोशिश करने से डरना या हिचकना नहीं चाहिए, क्योंकि बाद में पछताना गलती करने से भी बुरा होता है। यह पूछे जाने पर कि वह युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे, रणदीप ने कहा, “जो भी आपका दिल चाहता है करें, क्योंकि दुनिया में प्रतिभा जैसी चीज नहीं..बस उत्साह है।”

उन्होंने कहा, “जिस किसी चीज के बारे में आप उत्साहित हैं, आप उसमें अच्छा करने जा रहे हैं। अपने माता-पिता का कभी निरादर न करें।”

हरियाणा में रोहतक के रहने वाले रणदीप ने करीब छह साल एक छात्र और रात में टैक्सी चालक के रूप में काम करके आस्ट्रेलिया में बिताए। उन्हें पहला ब्रेक 2001 में मीरा नायर की फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ में उनके आस्ट्रेलियाई उच्चारण की वजह से मिला।

पूर्व मिस यूनिवर्स व अभिनेत्री सुष्मिता सेन के साथ प्रेम संबंधों को लेकर भी रणदीप ने खूब सुर्खिया बटोरी थी।

रणदीप ने ‘साहब बीवी और गैंगस्टर’, ‘जिस्म-2’, ‘सुल्तान’, ‘मैं और चार्ल्स’ और ‘रंग रसिया’ जैसी फिल्मों में काम किया है।

अब तक की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिका के बारे में पूछे जाने पर अभिनेता ने कहा, “मैं आपको सबसे बड़ी चुनौती के बारे में तब बताऊंगा, जब मैं इसे पूरा कर लूंगा। मैं अपने काम का लुत्फ लेता हूं। यह जितना चुनौतीपूर्ण है, उतना ही संतुष्टिदायक भी है।”

पर्दे पर रणदीप को नकारात्मक भूमिका निभाना पसंद है, क्योंकि वह इस तरह के किरदार को कहीं ज्यादा वास्तविक मानते हैं।

रणदीप (40) ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित अपनी आगामी फिल्म ‘द बैटल ऑफ सरगढ़ी’ में एक सिख के किरदार में नजर आएंगे।