फिर सामने आया कश्मीर के पत्थरबाजों का असली चेहरा, इस तरह की आतंकी मूसा की मदद

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नई दिल्ली। सुरक्षा बलों के साथ अक्सर दुश्मनों जैसा बरताव दिखाने वाले कश्मीर के पत्थरबाजों ने एक बार फिर एक आतंकी की मदद कर साबित कर दिया है कि वे दहशतगर्दी का समर्थन करते हैं।

अलकायदा यूनिट का प्रमुख आतंकी जाकिर मूसा संभवत: एक बार फिर सुरक्षा बलों को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा।  सुरक्षा बलों को खबर मिली थी वह शुक्रवार शाम जम्मू कश्मीर में त्राल के नूरपुरा स्थित अपने पैतृक घर में छुपा हुआ है।

ऐसे में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मूसा सुरक्षाबलों को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया, हालांकि अधिकारियों ने इस बाबत कोई जानकारी दी है और इलाके मेें अब भी घेराबंदी जारी है।

सुरक्षा बलों को नूरपुरा में अलकायदा कमांडर जाकिर मूसा के अलावा तीन और आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिली थी। इनमें एक स्थानीय कमांडर सालेह मोहम्मद अखून भी था, जो मूसा को स्थानीय स्तर पर मदद पहुंचाता है।

खुफिया सूत्रों से मिली इस जानकारी के बाद जब सुरक्षा बल वहां पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने सड़कें जाम कर दी और उन पर पत्थर फेंकने लगे। अंदेशा है कि स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने आतंकियों को भगाने में मदद के लिए पत्थराव का सहारा लिया और कुछ घंटों बाद पत्थरबाजी रुक गई।

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ऐसा इसलिए हुआ होगा कि शायद आतंकवादियों ने पत्थरबाजों को यह संदेश दे दिया होगा कि वे भागने में कामयाब हो गए हैं। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि जब सुरक्षा बलों ने उस इलाके की घेराबंदी की तब मूसा अपने सहयोगी के साथ उस घर में ही मौजूद था।

बता दें कि सुरक्षा बलों ने सूर्यास्त के बाद अपना ऑपरेशन बंद कर दिया। एक अन्य पुलिस सूत्र ने बताया कि सुरक्षा बलों को उस घर में कुल तीन आतंकवादियों के छुपे होने का संदेह था।

बुरहान वानी के मारे जाने के बाद मोस्ट वांटेड जाकिर मूसा ने जुलाई 2016 में उसकी जगह ली थी। इसके बाद उसने हिज्बुल मुजाहिद्दीन को छोड़कर अपना अलग आतंकी संगठन बनाया ताकि कश्मीर में खलीफ का गठन किया जा सके। अलकायदा ने जाकिर मूसा को अपना पहला कमांडर नियुक्त किया था।