गोरखपुर में 63 बच्चों की मौत पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार से गोरखपुर के एक अस्तपाल में पिछले पांच दिनों में 60 से अधिक बच्चों की मौतों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल तथा स्वास्थ्य सचिव सी. के. मिश्रा से गोरखपुर जाने और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में खामियों का पता लगाने के लिए कहा गया है, जहां बच्चे भर्ती थे।

बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी। खबरों के मुताबिक पिछले 5 दिनों में 63 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इंकार किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य प्रशासन से इस घटना की रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा उन्होंने राज्य मंत्री (स्वास्थ्य) अनुप्रिया पटेल को तुरंत अस्पताल का दौरा करने का निर्देश दिया है।

दरअसल अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और शुक्रवार को सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए।इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों ने दो घंटे तक अम्बू बैग का सहारा लिया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही के चलते 33 बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। अस्‍पताल में ऑक्सीज़न सप्‍लाई करने वाली फर्म का 69 लाख रुपये का भुगतान बकाया था।

ऑक्सीजन की आपूर्ति से निपटने के विभाग ने अधिकारियों को 3 और 10 अगस्त को कमी के बारे में सूचित किया था।पुष्पा सेल ने भुगतान नहीं होने पर आपूर्ति को बंद कर दिया था।

मामले को तूल पकड़ने के बाद सरकार की ओर से इस मामले पर सफाई आई है। जारी बयान में कहा गया है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई। घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं डीएम ने 5 सदस्यीय टीम गठिक की जो कि आज अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।