दिल्ली हाईकोर्ट का 1984 मामले में आया बड़ा फैसला

Written by: December 17, 2018 10:46 am

नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में  हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट का ये फैसला निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है। दरअसल इस मामले में निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। इसके बाद निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई।

आपको बता दें,  हाईकोर्ट ने इससे पहले 29 अक्टूबर को इन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर, रिटायर नेवी अफसर कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल और दो अन्य को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एक नवंबर 1984 को दिल्ली छावनी के राजनगर क्षेत्र में एक परिवार के पांच सदस्यों की हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया था।

निचली अदालत ने इस मामले में सज्जन कुमार को बरी किया था लेकिन खोखर, भागमल और लाल को आजीवन कारावास की और पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

इसके बाद दोषियों ने मई 2013 में आए निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। सीबीआई ने भी अपील दायर करते हुए आरोप लगाया था कि वे ‘सुनियोजित सांप्रदायिक दंगे’ और ‘धार्मिक रूप से सफाया’ करने में संलिप्त थे। एजेंसी और पीड़ितों ने कुमार को बरी किए जाने के खिलाफ भी अपील दायर की थी।