सीबीआई में फिर फेरबदल, अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने किया 20 अफसरों का तबादला

सिर्फ तीन दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली सलेक्शन मीटिंग में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई का डायरेक्टर चुना जाना है और इससे पहले ही सोमवार को अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने एजेंसी में बड़ा फेरबदल करते हुए 20 अफसरों का तबादला कर दिया है।

Written by Newsroom Staff January 22, 2019 8:47 am

नई दिल्ली।  सिर्फ तीन दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली सलेक्शन मीटिंग में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई का डायरेक्टर चुना जाना है और इससे पहले ही सोमवार को अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने एजेंसी में बड़ा फेरबदल करते हुए 20 अफसरों का तबादला कर दिया है।

बता दें, राव ने जिन अफसरों का तबादलों किया है, उसमें 13 एसपी और 7 एडिश्नल एसपी हैं। इसमें 2 जी स्पैक्ट्रम मामले में जांच कर रहे एसीबी दिल्ली के प्रमुख विवेक प्रियदर्शी और एडिश्नल एसीबी निर्भय कुमार जैसे नाम शामिल है। प्रियदर्शी फिलहाल दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधी शाखा में तैनात थे अब उन्हें चंडीगढ़ भेज दिया गया है।

इसके अलावा सीबीआई के अंतरिम निदेशक ने जिन 11 अफसरों का तबादला किया है, उसमें एटी दुराई कुमार (ईओ चेन्नई से एसीबी चेन्नई में ट्रांसफर), प्रेम गौतम (एसपी ईओ-तृतीय नई दिल्ली में उप निदेशक प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार), मोहित गुप्ता को एसीबी गाजियाबाद से बैंक प्रतिभूतियों और धोखाधड़ी सेल (बीएस एंड एफसी) में ट्रांसफर किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि मोहित गुप्ता को हाल ही में आलोक वर्मा ने अपनी टीम में शामिल किया था।


इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बहाल हुए पूर्व सीबीआई डायरेक्टर का तबादला डीजी फायर सेफ्टी के पद पर किया गया था लेकिन उन्होंने यह कहते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था कि उनकी नियुक्ति सीबीआई निदेशक के लिए की गई थी और उनका कार्यकाल 2 साल के लिए फिक्स था। डीजी फायर सेफ्टी के लिए जो उम्र होती है उसे वह पहले ही पार कर चुके हैं।

इसके बाद सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का ट्रांसफर एविएशन सिक्युरिटी एजेंसी में कर दिया गया। उनके साथ ही कई अधिकारियों के कार्यकाल में कटौती कर दी गई थी।

सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने सोमवार को 20 अफसरों का तबादला कर दिया। हालांकि तबादले के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि संवैधानिक अदालतों के आदेश पर किसी भी मामले की जांच और निगरानी करने वाले अधिकारी अपने पद पर बने रहें।

आदेश के अनुसार, तमिलनाडु में स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शन गोलीबारी मामले की जांच कर रहे ए. सरवनन को मुंबई की बैंकिंग, प्रतिभूति और फर्जीवाड़ा जांच शाखा में भेजा गया है। यह शाखा हीरा व्यापारियों नीरव मोदी और मेहुल चोकसी सहित ऋण फर्जीवाड़ा करने वालों की जांच कर रही है। स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 13 लोग मारे गए थे। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरवनन स्टरलाइट-विरोधी प्रदर्शन गोलीबारी मामले की जांच जारी रखेंगे।

आदेश में यह भी कहा गया है कि सीबीआई की विशेष इकाई में तैनात प्रेम गौतम को पदमुक्त किया जा रहा है। अभी तक उनका काम सतर्कता के लिए अधिकारियों पर नजर रखना था। वह आर्थिक मामलों की जांच जारी रखेंगे। उन्हें उपनिदेशक (कार्मिक) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

गौतम की जगह राम गोपाल को दी गई है। वह चंडीगढ़ विशेष अपराध शाखा से तबादले के बाद यहां आए हैं। इसी तरह कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है।