कल बंगाल दौरे पर जाएंगे शाह, बोले- जोर लगा लीजिए, हम रथ यात्रा तो निकालकर रहेंगे और ईंट से ईंट बजा देंगे

Written by Newsroom Staff December 7, 2018 3:49 pm

नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा को अनुमति ना मिलने पर नाराजगी जाहिर की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को दबाया जा रहा है और तृणमूल सरकार अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रही है। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक नए तरह का ट्रेंड चला रही हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने कहा कि बंगाल के अंदर जिस तरह से तृणमूल का कुशासन चला है, इसके खिलाफ भाजपा ने हर मंडल और जिले में आवाज उठाई है उससे ममता बनर्जी डरी हुई हैं। शाह ने कहा कि ममता सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटा। सीएम बीजेपी की यात्रा से डरी हुई है, हमने कई बार रथयात्रा के लिए इजाजत मांगी थी। रथयात्रा पर रोक के बावजूद शनिवार को अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर जाएंगे।

अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी को जितना जोर लगाना लगा लें, हम रथ यात्रा तो निकालकर रहेंगे और इसके लिए ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में माफियाओं का राज हो गया है।शाह ने कहा, ”बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए तैयार हो चुकी है, ममता बनर्जी को यह समझ नहीं आ रहा है कि ऐसा करने से जनता उनसे नाराज ही होगी, बीजेपी के कार्यकर्ता ममता जी से डरते नहीं है, ये तीनों यात्राएं जरूर शुरू होंगी, मैं खुद इसकी शुरुआत करूंगा, हम हर गांव, हर जिले में जाएंगे और एक प्रकार की राजनीतितक विचारधारा से बंगाल को मुक्ति दिलाएंगे।”

बता दें कोलकाता हाईकोर्ट ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की, कूचबिहार से प्रस्तावित ‘रथ यात्रा’ को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कानून व्‍यवस्‍था बिगड़ने का अंदेशा जताते हुए बीजेपी को अनुमति देने से इनकार किया था। इससे पहले पश्‍चिम बंगाल सरकार ने भी सांप्रदायिक तनाव का हवाला देते हुए बीजेपी की रथ यात्रा को अनुमति देने से मना कर दिया था। मामले की अगली सुनवाई नौ जनवरी निर्धारित की गई है।

किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार से भाजपा अध्यक्ष की प्रस्तावित रथ यात्रा को अनुमति देने से इंकार कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का राज्य में पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’आयोजित करने का कार्यक्रम है, जिसमें तीन ‘रथ यात्राएं’ शामिल हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि इस यात्रा से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।

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