असम में एनआरसी का अंतिम ड्राफ्ट जारी, 40 लाख लोग भारत के नागरिक नहीं

Avatar Written by: July 30, 2018 9:39 am

नई दिल्ली। असम में आज नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का दूसरा और आखिरी ड्राफ्ट जारी किया कर दिया गया है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के पहले पूर्ण मसौदे में असम के 2,89,83,677 लोगों का नाम है, जिसे सोमवार को प्रकाशित किया गया। यहां राज्य एनआरसी मुख्यालय में दस्तावेज को ऑनलाइन जारी करते हुए भारत के रजिस्ट्रार जनरल शैलेश ने कहा कि कुल 3,29,91,384 लोगों ने दस्तावेज में अपने नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया था लेकिन 40,07,707 लोगों के दस्तावेजों में कुछ खामियां पाए जाने के कारण उन्हें इससे बाहर कर दिया गया।

National Register of Citizens

शैलेश ने इस दिन को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, “यह एनआरसी का मसौदा है, यह अंतिम एनआरसी नहीं है। सभी वास्तविक भारतीय नागरिकों को अंतिम एनआरसी में अपने नाम दाखिल कराने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे।”

उन्होंने कहा, “यह असम के साथ-साथ भारत के लिए भी ऐतिहासिक दिन है। आज हमने एनआरसी के पहले पूर्ण मसौदे को प्रकाशित कर एक मील का पत्थर स्थापित किया है।”

शैलेश ने कहा, “पूरे अभ्यास का पैमाना, इसका आकार और जटिलता अद्वितीय हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शी, स्पष्ट और सावधानीपूर्वक पूरी की गई है। इसे पूरा करने में तीन वर्षों की अवधि में 52,000 से अधिक सरकारी अधिकारियों की भागीदारी इसमें शामिल है।”

एनआरसी के लिए असम राज्य समन्वयक प्रतीक हजेला ने कहा कि जिनके नाम इस दस्तावेज में नहीं है उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपत्ति और उनके दावे के लिए प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू होगी।

उन्होंने कहा, “जो भी एनआरसी में अपना शामिल कराने का दावा करना चाहता है, वह 30 अगस्त से एनआरसी सेवा केंद्र पर जाकर अपना दावा दाखिल कर सकता है।”

NRC ASSAM

हजेला ने कहा, “हम दावे, आपत्ति व सुधार फार्म सात अगस्त से वितरित करना शुरू करेंगे। दावे, आपत्ति व सुधार दाखिल करने की प्रक्रिया 28 सितंबर तक जारी रहेगी।”

उन्होंने कहा कि जिन्हें दावे और आपत्ति को दाखिल करने में सहायता की जरूरत है उन्हें सहायता मुहैया कराई जाएगी।
हजेला ने कहा, “40,07,707 लोगों के विवरण का खुलासा नहीं किया जाएगा क्योंकि हमें उनकी निजता का सम्मान करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “इनमें से 2.48 लाख लोगों के मामले विभिन्न विदेशी ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है।”

उन्होंने कहा कि एनआरसी में शामिल नहीं किए गए लोगों के नामों का दर्जा ‘आवेदक’ का रहेगा न कि ‘भारतीय’ या ‘गैर भारतीय’ का।

क्या है एनआरसी?

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) में जिनके नाम नहीं होंगे उन्हें अवैध नागरिक माना जाएगा। इसमें उन भारतीय नागरिकों के नामों को शामिल किया जा रहा है जो 25 मार्च 1971 से पहले असम में रह रहे हैं। उसके बाद राज्य में पहुंचने वालों को बांग्लादेश वापस भेज दिया जाएगा।