अयोध्या मामला: श्री श्री ने एक बार फिर की मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से अदालत के बाहर समझौते की अपील

Avatar Written by: March 6, 2018 7:05 pm

नई दिल्ली। सोमवार को श्री श्री रविशंकर द्वारा अयोध्या राम मंदिर पर दिए गए बयान के बाद बवाल ज्यादा बढ़ गया। श्री श्री ने कल एक खबरिया चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि अगर अयोध्या राम मंदिर मामले का निपटारा नहीं हुआ तो देश में सीरिया जैसे हालात बन जाएंगे। श्री श्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और अन्य संगठनों द्वारा उनके इस बयान का जमकर विरोध किया जा रहा है। 

इस सब के बीच ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर ने राम जन्मभूमि मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) से आज फिर अदालत के बाहर समझौता करने की अपील करते हुए कहा कि मामले का कानून के माध्यम से निपटान किए जाने पर‘बड़े पैमाने’ पर सांप्रदायिक दंगे भड़क सकते हैं।

Sri Sri Ravi Shankar present a Program in New Delhi

श्री श्री रविशंकर ने एआईएमपीएलबी के सदस्यों को लिखे एक खुले पत्र में कहा कि अदालत का रास्ता अपनाने से हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए फायदेमंद नहीं है और ऐसे में अदालत के बाहर समझौता दोनों समुदायों के लिए ‘जीत की स्थिति’होगी।

दोनों पक्षों के नेताओं से मुलाकात कर इस मामले का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे रविशंकर ने कहा, ‘मैं दोनों धर्मों के नेताओं से इस कदम पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध करता हूं। अन्यथा, हम अपने देश को गृहयुद्ध की ओर धकेल रहे हैं।’

उन्होंने इस मामले को लेकर चार संभावित स्थितियां दी, अदालत या तो जमीन मुस्लिमों को दे दे या जमीन हिंदुओं को दे दे या इलाहबाद उच्च न्यायालत का आदेश बरकरार रखते हुए एक एकड़ जमीन में एक मस्जिद का निर्माण करे जबकि बाकी 60 एकड़ में मंदिर बनाया जाए या फिर संसद इस पर एक कानून पारित करे।  उन्होंने आगे कहा, कि सभी चार विकल्पों में या तो अदालत या फिर सरकार के माध्यम से, नतीजे समान्य रूप से देश और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए विनाशकारी ही होंगे।रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का आपसी बातचीत से हल निकालने की वकालत कर रहे आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर ने आज दरगाह आला हजरत पर चादर चढ़ाई और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां से भी मुलाकात की।

श्री श्री के सीरिया वाले बयान पर भड़क गए औवेसी

आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के मुखिया श्री श्री रविशंकर और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बीच मंगलवार को तीखा वार-पलटवार देखने को मिला। वजह बना रविशंकर का वह अयोध्या वाला बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि विवाद न सुलझने से देश सीरिया में बदल जाएगा।

ओवैसी ने इस बयान को भड़काऊ बताते हुए श्री श्री पर केस दर्ज करने की मांग कर डाली। वहीं, इसके बाद श्री श्री ने ट्वविटर के जरिए ओवैसी पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा, ‘सावधानी को धमकी मानना और सौहार्द को हमला मानना विकृत मन की पहचान है।’

अपने बयान पर सफाई देते हुए श्री श्री ने कहा

अपने बयान पर जवाब देते हुए श्री श्री रविशंकर ने कहा, ‘वह कोई धमकी थोड़ी ना है, वह तो चेतावनी है।’ श्री श्री ने यह भी कहा था, ‘भारत में शांति रहने दीजिए। हमारे देश को सीरिया जैसा नहीं बनना चाहिए। ऐसी हरकत यहां हो जाए तो सत्यानाश हो जाएगा।’

उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं सपने में भी नहीं सोच सकता कि मैं किसी को धमकी दूं। जो हमने कहा कि कहमारे देश में ऐसी हिंसा नहीं होनी चाहिए जैसे मिडल ईस्ट में हो रही है, इससे हमें डर लगता है।’

श्री श्री की बातों के जवाब में एआईएमआईएम नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘इससे स्पष्ट होता है कि इन्हें संविधान पर भरोसा ही नहीं है। संविधान, कोर्ट और कानून पर भरोसा ना करने वाले ऐसे इंसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जेल में बंद कर देना चाहिए। वह खुलेआम लोगों को हिंसा के लिए उकसा रहे हैं और डर और हिंसा का माहौल बना रहे हैं। अगर इनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया जाता तो यह बहुत दुर्भाग्यशाली होगा।’

मामला इतना बढ़ गया कि श्री श्री रविशंकर के लिए नहीं खुला मदरसे का गेट

बरेली में अयोध्या मसले की सुलह के लिए पहुंचे श्री श्री रविशंकर को दरगाह आला हजरत में कोई तरजीह नहीं दी गई। दरगाह से जुड़े मथुरापुर स्थित मदरसे में भी श्री श्री को घुसने नहीं दिया गया। श्री श्री के लिए मदरसे के गेट का ताला नहीं खोला गया।

बरेली में आईएमसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दंगों के आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा से मिलने पहुंचे श्री श्री रविशंकर को बरेली के आला हजरत मदरसे में नहीं आने दिया गया और गेट का ताला तक नहीं खोला गया। जिसके बाद वो वहां से सीधे अलखनाथ मंदिर पहुंचे। वहीं श्री श्री रविशंकर ने अपने सीरिया वाले बयान पर विवाद उठता देख कहा कि उन्होंने देश में अमन कायम रखने के लिए बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर और मस्जिद दोनों बनने चाहिए।

श्री श्री ने कहा था अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं, विवाद नहीं सुलझा तो सीरिया बन जाएगा भारत

इससे पहले कल ऑर्ट ऑफ लिविंग के आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने अयोध्या मसले पर एक बड़ा बयान दिया। न्यूज चैनल आज तक को दिए गए साक्षात्कार में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि अयोध्या विवाद का जल्द हल नहीं निकला तो भारत भी सीरिया बन जाएगा। टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि अयोध्या मुस्लिमों का धार्मिक स्थल नहीं है। उन्हें इस पर से अपना दावा छोड़ कर एक मिसाल पेश करनी चाहिए। वैसे भी इस्लाम विवादित जमीन पर इबादत करने की इजाजत नहीं देता।

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