भीमा-कोरेगांव युद्ध: 201वीं सालगिरह पर इकट्ठा हो सकते हैं लाखों लोग, पुलिस अलर्ट

Avatar Written by: January 1, 2019 9:38 am

नई दिल्ली। भीमा-कोरेगांव युद्ध की 201वीं वर्षगांठ पर महाराष्ट्र के ‘भीमा कोरेगांव’ में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। पिछले साल की तुलना में इस साल 10 गुना से अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है ताकि इस बार पिछले साल की तरह कोई हिंसक घटना न हो। बता दें कि हर साल 1 जनवरी को पूरे महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में अनुसूचित जाति के लोग पुणे से 40 किलोमीटर दूर भीमा कोरेगांव युद्ध स्मारक पर इकट्ठा होते हैं।

Bhima Koregaon violence

हालांकि पिछली बार से सबक लेते हुए महाराष्ट्र सरकार इस बार अलर्ट है। विजय स्तंभ के आसपास हिंसक हालात बनने से रोकने के लिए पुलिस ने पहले ही 1200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ प्रिवेन्टिव एक्शन लिए हैं। पुलिस ने इस साल ऐसे किसी भी संगठन को सभा करने की इजाजत नहीं दी है, लेकिन अनुसूचित जाति के कई नेता विजय स्तंभ पर आ सकते हैं। इन पर खास नजर रखी जाएगी।

इस साल महाराष्ट्र प्रशासन और पुलिस ने किसी भी तरह की स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने भीमा-कोरेगांव के विजय स्तंभ और उसके आसपास के इलाकों में कुल 7000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।

gautam navlakha

चूंकि अगस्त में इस मामले में माओवादी कनेक्शन सामने आया। जिसके बाद पुणे पुलिस ने पूरे देश में छापेमारी करके पांच वामपंथी विचारकों पी. वरवर राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फेरेरा, गौतम नवलखा और वेरनोन गोन्जाल्विस को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोप है कि इन पांचों ने एल्गार परिषद सम्मेलन में सहायता की थी जिसके बाद हिंसा फैली।

बता दें कि गिरफ्तार किए गए वामपंथी विचारकों के मामले पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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