सीबीआई रिश्वत मामला: हलचल से पीएमओ बेहद नाराज, उठाया ये बड़ा कदम

Written by Newsroom Staff October 22, 2018 6:31 pm

नई दिल्ली। सीबीआई ने फर्जी बयान दर्ज करने के आरोप में अपने डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। बता दें कि ये गिरफ्तारी मोइन कुरैशी मामले में हुई है। इस मामले में डीएसपी देवेंद्र सिंह इस केस के इंवेस्‍टीगेशन आफिसर थे, जिन पर आरोप है कि उन्होंने इस केस के गवाह सतीश शना के बयान फर्जी तरीके से दर्ज किए थे।CBI

क्‍या है पूरा मामला

सीबीआई के सूत्रों के अनुसार मोइन कुरैशी मामले में धारा 161 के तहत सतीश शना के बयान बतौर गवाह दर्ज किए जाने थे। दस्‍तावेजों की जांच में पता चला कि इस मामले के जांच अधिकारी डीएसपी देवेंद्र सिंह ने 26 सितंबर 2018 को गवाह सतीश शना के बयान दिल्‍ली में दर्ज किए हैं। जबकि, जांच में सतीश शना ने खुलासा कि 26 सितंबर 2018 को सतीश शना दिल्‍ली में ही नहीं थे। उस दिन उसके हैदराबाद में होने के साक्ष्‍य सीबीआई को मिले हैं, आरोपी डीएसपी देवेंद्र कुमार के खिलाफ चल रही जांच में खुलासा हुआ कि वास्‍तविकता में सतीश शना ने एक अक्‍टूबर को इंवेस्‍टीगेशन ज्‍वाइन की थी।

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फर्जी स्‍टेटमेंट में लिखी गई थीं ये बातें

सीबीआई के अनुसार, 26 सितंबर 2018 को डीएसपी देवेंद्र सिंह ने फर्जी बयान दर्ज किए गए थे, जिसमें शना के नाम से लिखा गया था कि “जून 2018 में मैने अपने केस के बाबत अपने पुराने मित्र और राज्‍य सभा सांसद सीएम रमेश से चर्चा की। सीएम रमेश ने उन्‍हें बताया कि उनके केस के बाबत वह व्‍यक्तिगत तौर पर सीबीआई के डायरेक्‍टर से मिले हैं। सीएम रमेश ने उन्‍हें आश्‍वासन दिया कि सीबीआई अब उन्‍हें उनके केस के बाबत फोन नहीं करेगी। मुझे सीबीआई की तरफ से कोई कॉल नहीं आया। मैं इस भ्रम में था कि मेरे खिलाफ चल रही जांच अब पूरी हो चुकी है।

सीबीआई के स्‍पेशल डायरेक्‍टर भी हैं इस मामले में आरोपी

बता दें कि इस पूरे मामले में सीबीआई के स्‍पेशल डायरेक्‍टर भी आरोपी हैं। सीबीआई ने अपने ही विभाग के स्‍पेशल डायरेक्‍टर राकेश अस्थाना के खिलाफ 15 अक्‍टूबर को एफआईआर दर्ज की थी। स्‍पेशल डायरेक्‍टर पर मुइन कुरैशी से जुड़े एक मामले में रिश्‍वत लेने का आरोप है। सीबीआई ने मामले के अन्‍य आरोपी के बयान के आधार पर दर्ज किए गए मामले में दावा किया गया है कि मोइन पर चल रहे मामले को खत्‍म करने के लिए सतीश शना रुपयों का इंतजाम कर रहा था। सीबीआई पहले ही मनोज को गिरफ्तार कर चुकी है।दो महीने पहले अस्थाना ने कैबिनेट सचिव से सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के खिलाफ यही शिकायत की थी। सीबीआई ने सतीश साना की शिकायत के आधार पर विशेष निदेशक अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मांस कारोबारी मोईन कुरेशी की कथित संलिप्तता से जुड़े 2017 के एक मामले में जांच का सामना कर रहे साना ने आरोप लगाया कि अस्थाना ने उसे क्लीनचिट दिलाने में कथित रुप से मदद की।

जानकारी के मुताबिक, मामले में पीएम मोदी ने सीबीआई के चीफ और डिप्टी चीफ को समन किया है।