सीबीआई विवाद: सीवीसी की जांच पूरी, आलोक वर्मा के खिलाफ नहीं मिला कुछ ठोस!

Written by: November 11, 2018 10:31 am

नई दिल्ली। सीबीआई बनाम सीबीआई के विवाद की जांच कर रहे केंद्रीय सतर्कता आयोग के हाथ ‘खाली’ रहने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा पर लगे 2 करोड़ रुपये की घूस लेने के आरोपों की जांच कर रही सीवीसी को कुछ ठोस नहीं मिला है। बता दें कि सीवीसी की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज ए. के. पटनायक की देखरेख में होने की बात कही गई थी। मोदी सरकार ने ही इसकी जांच सीवीसी को सौंपी थी।CBIबता दें कि सीवीसी जांच की जरूरत उस वक्त पड़ी, जब सीबीआई के दो प्रमुख अधिकारियों (आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना) ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विवाद बढ़ने पर 23 अक्टूबर को दोनों टॉप अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया था। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अस्थाना के खिलाफ 15 अक्टूबर को शिकायत दर्ज की थी। वहीं, अस्थाना ने वर्मा के खिलाफ कैबिनेट सचिव को 24 अगस्त को शिकायत दी थी।कैबिनेट सचिव ने अस्थाना की शिकायत को सीवीसी को बढ़ा दिया था। शिकायत में वर्मा, उनके करीबी अतिरिक्त निदेशक ए. के. शर्मा के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की डीटेल दी थी। अस्थाना ने यह भी बताया कि कैसे कई आरोपियों को बचाने की कोशिश हुई। अस्थाना ने दावा किया कि हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना ने मोइन कुरैशी केस से खुद को बचाने के लिए आलोक वर्मा को 2 करोड़ रुपये की घूस दी थी।

दूसरी तरफ, 4 अक्टूबर को जब सीबीआई ने सना को पकड़ा तो उसने अस्थाना के खिलाफ मैजिस्ट्रेट के सामने बयान दे दिया। सना ने दावा किया कि 10 महीने में उसने अस्थाना को 3 करोड़ रुपये दिए हैं। फिर 15 अक्टूबर को CBI ने सना से 3 करोड़ की घूस लेने के आरोप में अस्थाना के खिलाफ केस दर्ज किया।

जांच में क्या आया

सीवीसी ने शुरुआती जांच की रिपोर्ट को शुक्रवार को पूरा कर लिया है। इसे फाइनल करके सोमवार को चीफ जस्टिस को सौंप दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इसमें अस्थाना द्वारा दिए गए विभिन्न सबूतों की जांच हुई है। जिसमें अस्थाना द्वारा लगाए गए आरोपों में कुछ भी ठोस सामने नहीं आया है।