CBI निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने दी सफाई, कहा – ‘झूठे आरोपों के आधार पर मुझे पद से हटाया’

Written by Newsroom Staff January 11, 2019 9:08 am

नई दिल्ली। सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की छुट्टी हो चुकी है उनकी जगह सरकार ने नागेश्वर राव को दोबारा अंतरिम चीफ नियुक्त कर दिया है। देर रात उन्होंने पद संभाल लिया।  गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की सिलेक्ट कमेटी ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया। वहीं अब सीबीआई के निदेशक पद से हटाए जाने के बाद पहली बार आलोक वर्मा ने सफाई दी है।

आलोक वर्मा ने कहा है कि ‘मैंने सीबीआई की साख बनाए रखने की कोशिश की। मुझे झूठे आरोपों के आधार पर पद से हटाया गया है।’ उन्‍होंने यह भी कहा कि सीबीआई को बिना बाहरी दखल के काम करना चाहिए। सीबीआई की साख बर्बाद करने की कोशिश की गई है।

बता दें कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के घर हुई सलेक्शन पैनल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और न्यायमूर्ति एके सीकरी भी थे। न्यायमूर्ति सीकरी देश के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की तरफ से उपस्थित हुए। इससे पहले पैनल की बुधवार को भी बैठक हुई थी जो कि बेनतीजा रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि 1979 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में पद से हटाया गया। इसके साथ ही एजेंसी के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाले वह सीबीआई के पहले प्रमुख बन गए हैं।

रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ 8 आरोप 

आपको बताते चलें कि सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ आठ आरोप लगाए गए थे। यह रिपोर्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष रखी गई। समिति में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के रूप में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सीकरी भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि वर्मा को पद से हटाने का फैसला बहुमत से किया गया। खड़गे ने इस कदम का विरोध किया।