भारतीय एयरफोर्स की बढ़ी ताकत, अमेरिका की बोइंग कंपनी ने वायुसेना को सौंपे 4 चिनूक हेलीकॉप्टर

अमेरिका की एयरोस्पेस कंपनी बोईंग ने 10 फरवरी, रविवार को भारतीय वायुसेना के लिए चार चिनूक सैन्य हेलिकॉप्टरों को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर उतारा। आपूर्ति करने वाली कंपनी की तरफ से बयान में कहा गया है कि “सीएच47एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ ले जाया जाएगा, जहां उन्हें औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा।”

Written by Newsroom Staff February 11, 2019 4:17 pm

नई दिल्ली। अमेरिका की एयरोस्पेस कंपनी बोईंग ने 10 फरवरी, रविवार को भारतीय वायुसेना के लिए चार चिनूक सैन्य हेलिकॉप्टरों को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर उतारा। आपूर्ति करने वाली कंपनी की तरफ से बयान में कहा गया है कि “सीएच47एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ ले जाया जाएगा, जहां उन्हें औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा।”

आपको बता दें कि चिनूक वही हेलिकॉप्टर है जिसका उपयोग अमेरिका ने लादेन को मारने मे किया था। यह हेलिकॉप्टर बहुद्देशीय, वर्टिकल लिफ्ट प्लेटफॉर्म से युक्त है, जिसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, उपकरण और ईंधन को ढोने में किया जाता है। मानवीय और आपदा राहत अभियानों और राहत सामग्री पहुंचाने तथा बड़ी संख्या में लोगों को बचाने में भी इस हेलिकॉप्टर का प्रयोग किया गया है।

बयान में कहा गया है, ‘सीएच-47एफ (आई) चिनूक उन्नत बहुद्देशीय हेलिकॉप्टर है जो भारतीय सशस्त्र बलों को युद्ध और मानवीय मिशन के दौरान अतुलनीय रणनीतिक एयरलिफ्ट की क्षमता मुहैया कराता है। भारतीय वायुसेना ने वर्तमान में 15 चिनूक हेलिकॉप्टर का ऑर्डर दे रखा है।’

भारत ने बोईंग के साथ 22 अपाचे हेलिकॉप्टर और 15 चिनूक हेलिकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया को सितम्बर 2015 में अंतिम रूप दिया था।

चिनूक की खास बातों में एक ये कि चिनूक ने अपनी पहली उड़ान 1962 में भरी थी। यह मल्टीमिशन श्रेणी का हेलीकॉप्टर है जो कि अमेरिकी सेना की खास ताकत है।

चिनूक हेलिकॉप्टर डिजास्टर रिलीफ ऑपरेशंस के अलावा 9.6 टन तक के भार के कार्गो ले जा सकता है। यह पहाड़ी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले ऑपरेशन के दौरान भारी मशीनरी, आर्टिलरी बंदूकें और लाइट आर्मर्ड वीकल्स जैसे चीजों का भार भी ढो सकता है

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