एनआरसी के जरिये लोगों को बांटने की कोशिश, ‘देश में छिड़ जाएगा गृह युद्ध’ : ममता बनर्जी

Avatar Written by: July 31, 2018 9:33 pm

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को असम में एनआरसी को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला किया। ममता ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए लोगों को कष्ट पहुंचाया जा रहा है और इससे रक्तपात व गृहयुद्ध शुरू होगा। यहां कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, ममता बनर्जी ने मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर कई हमले किए और इस पर न्यायपालिका में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में वैध दस्तावेजों के साथ लोगों के नाम को शामिल नहीं किया गया और यह कार्य राजनीतिक मकसद से किया जा रहा है, जिसका विरोध किया जाएगा। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोगों को बांटने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। ममता ने कहा, “स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इससे देश में रक्तपात, गृहयुद्ध होगा।”Amit Shah

एनआरसी के सोमवार (30 जुलाई) को जारी किए गए अंतिम मसौदा सूची में करीब 40 लाख से ज्यादा लोगों को बाहर कर दिया गया है। ममता बनर्जी ने कहा, “क्या हो रहा है और क्या हो सकता है, यह ज्यादा खतरनाक है। सिर्फ चुनाव जीतने के लिए, सिर्फ लड़ाई जीतने के लिए लोगों को पीड़ित नहीं बनाया जा सकता। अब वे कहते हैं कि ये लोग वोट नहीं दे सकते हैं। अगर वे मतदान नहीं करते हैं तो आप नहीं सोचते हैं कि वे अपनी पहचान खो देंगे।”National Register of Citizens

उन्होंने कहा, “वे भोजन कहां से पाएंगे, वे स्कूल कैसे जाएंगे। वे कैसे रोजगार के लिए जाएंगे, कोई उन्हें इजाजत नहीं देगा। कोई उन्हें कार्यालय जाने की इजाजत नहीं देगा। वे कहां जाएंगे, उनके बच्चे कहां जाएंगे। हम उन्हें मरने नहीं देंगे। हम चाहते हैं कि वे जीएं।” तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा कि जो भी बांग्लादेश से मार्च 1971 तक भारत आया है, वह भारतीय नागरिक है। उन्होंने कहा कि इसमें बिहार, राजस्थान व तमिलनाडु के भी लोग हैं, जिनके नाम एनआरसी में नहीं हैं।bangladeshi refugees Assam

तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के परिवार के एक सदस्य का नाम एनआरसी के अंतिम मसौदे में नहीं है। ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अहंकारी होने का आरोप लगाया। ममता ने कहा, “हम जानते हैं कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। लेकिन मैं सिर्फ कुछ सालों के लिए सत्ता में आया हूं और मैं हर चीज को तबाह कर दूंगा, यह नहीं हो सकता। यह अहंकारी होने जैसा है।”

ममता ने कहा, “मैं दुखी मन से कह रही हूं कि यह स्थिति जारी नहीं रह सकती है। न्यायपालिका में आप जानते हैं कि वे कैसे हस्तक्षेप करते हैं। हर संस्थान में, आप निष्पक्षता से काम नहीं कर सकते।” उन्होंने सेंट स्टीफेंस कॉलेज द्वारा अपने एक संबोधन को रद्द किए जाने का भी जिक्र किया और भाजपा पर हमला किया।

ममता ने कहा, “मुझे नहीं पता कि आपको धमकी मिली है या नहीं..। मुझे नहीं पता। जहां भी मैं जा रही हूं, वे कार्यक्रम रद्द कर रहे हैं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि वे सोचते हैं कि सम्मेलन कक्ष मेरे लिए पर्याप्त है। मेरे लिए सड़क बेहतर है। मैं सड़क पर जा सकती हूं और लोगों से मिल सकती हूं।”