स्विस बैंक में भारतीयों के काला धन का मामला कांग्रेस ने उठाया, जेटली ने दिया करारा जवाब

Written by: June 29, 2018 7:02 pm

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्व‍िस बैंकों में भारतीयों का पैसा पिछले 4 साल में 50 फीसदी बढ़ जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्व‍िस बैंकों में भारतीयों का जो पैसा है, उसमें ज्यादातर भारतीय मूल के उन लोगों का है, जो अब विदेशों में बस गए हैं। यह पूरा पैसा कालाधन नहीं है।

वित्त मंत्री ने उन रिपोर्ट्स का भी खंडन किया, जिनमें कहा जा रहा है कि कालेधन के ख‍िलाफ मोदी सरकार की तरफ से उठाए गए कदम फेल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्टों की वजह से भ्रामक जानकारी फैल रही है।

2019 से भारत को मिलेगी जानकारीArun jaitley

उन्होंने फेसबुक पर अपने ब्लॉग में लिखा, ”स्व‍िस बैंकों में रखे पैसे की डिटेल साझा करने के लिए पहले तैयार नहीं था लेकिन बाद में वैश्विक दबाव की वजह से वह इसके लिए तैयार हुआ है। अब उसने उससे जानकारी मांगने वाले देशों को डिटेल देने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है।” उन्होंने बताया कि जनवरी, 2019 से भारत को भी इसकी जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी।

दोषियों को मिलेगी सजा

जेटली ने स्व‍िस बैंकों में कालाधन रखने वालों को लेकर कहा कि जो दोषी पाया जाएगा, उसे कालेधन के कानून के तहत सजा सुनाई जाएगी। उन्होंने स्व‍िस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि बढ़ने की रिपोर्ट्स पर सवालिया निशान उठाया है।

उन्होंने कहा कि अतीत का अनुभव बताता है कि स्व‍िस बैंकों में पैसा रखने वाले ज्यादातर भारतीय मूल के लोग हैं। उन्होंने सीबीडीटी की जांच का हवाला देते हुए बताया कि स्व‍िस बैंकों में पैसा रखने वाले ज्यादातर भारतीय मूल के वे लोग हैं, जिनके पास दूसरे देश का पासपोर्ट है। गैर-प्रवासी भारतीय भी इसमें शामिल हैं, जिन्होंने यहां वैध तरीके से निवेश किया है।

पीयूष गोयल बोले स्विस बैंक से जानकारी शीघ्र उपलब्ध होगी

देश के अंतरिम वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा किए गए धन के आंकड़े स्विटजरलैंड के साथ हुए एक स्वत: सूचना आदान-प्रदान करार के तहत सरकार को 2019 से उपलब्ध होंगे। पीयूष गोयल ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंट्स ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि बीते साल नवंबर में भारत और स्विट्जरलैंड के बीच स्वत: सूचना आदान-प्रदान समझौते पर हस्ताक्षर किया गया था।Piyush Goyal BJP

इसके तहत दोनों देश वैश्विक मानकों के साथ इसके अनुसार आंकड़े एकत्र करना शुरू करेंगे और इसका आदान-प्रदान 2019 से करेंगे।

वह स्विस नेशनल बैंक द्वारा जारी नवीनतम आंकड़े पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। बैंक के हालिया आंकड़े में बीते साल भारतीयों की जमा राशि में वृद्धि हुई है।

पीयूष गोयल ने कहा, “मोदी सरकार द्वारा स्विट्जरलैंड के साथ हुए एक समझौते के तहत एक जनवरी, 2018 से लेकर उसके बाद का पूरा आंकड़ा हमें उपलब्ध कराया जाएगा।”

piyush goyal, Railway Minister

उन्होंने कहा, “मुझे (मीडिया रपटों से) पता चला है कि विदेश भेजी हुई रकम में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है, ऐसा रिजर्व बैंक के उदारीकृत विप्रेषण योजना के कारण है, जिसे पूर्ववर्ती (संप्रग) सरकार लाई थी। इसके तहत देश में रहने वाला कोई व्यक्ति 250,000 डॉलर प्रति वर्ष विप्रेषित कर सकता है।”

उन्होंने कहा, “इसमें देश में नहीं रहने वाले भारतीयों का जमा भी शामिल है। अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो हम कार्रवाई करेंगे। हमारी सरकार के कालाधन के खिलाफ विभिन्न उपायों से स्विस बैंक में जमा राशि में कमी हो रही है।”

आंकड़ों से पता चलता है कि लगातार तीन साल तक गिरावट के बाद भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा धन में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यह बीते साल के मुकाबले 2017 में 1.02 अरब स्विस फ्रैंक हो गई।

बीते तीन सालों में कालेधन के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में काला धन कानून एवं कर अधिनियम, 2015 का क्रियान्वयन, आय घोषणा योजना 2016 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना बीते साल लागू की गई है।