दिल्ली: मस्जिदों के इमामों का वेतन बढ़ा, अब इतने हजार रुपये सैलरी मिलेगी हर महीने

दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मस्जिदों के इमामों की सैलरी बढ़ा दी है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान ने बोर्ड के एक कार्यक्रम में मस्जिदों के इमामों की सैलरी बढ़ाने का एलान किया।

Written by: January 24, 2019 2:12 pm

नई दिल्ली। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मस्जिदों के इमामों की सैलरी बढ़ा दी है। दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानतुल्लाह खान ने बोर्ड के एक कार्यक्रम में मस्जिदों के इमामों की सैलरी बढ़ाने का एलान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। मौलाना की सैलरी दस हजार से बढ़ाकर 18000 और मुअज्जिन की सैलरी 9000 से बढ़ाकर 16 हजार कर दी गई है। फरवरी से बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी।

वक्फ बोर्ड चेयरमैन के मुताबिक, लंबे समय से इमाम सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, इस पर काफी पहले विचार किया जा चुका था। वो खुद सैलरी बढ़ाने के पक्ष में थे, लेकिन दो साल तक बोर्ड भंग था। इसलिए कुछ नहीं हो पाया। बता दें कि दिल्ली में वक्फ बोर्ड की तरफ से करीब 300 मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है।

Arvind Kejriwal and Alka Lamba

केजरीवाल ने इमामों के कार्यक्रम में कहा कि बीते पांच साल में मोदी-शाह की जोड़ी ने वो काम कर दिखाया, जिसे पाकिस्तान बीते 70 साल में भी नहीं कर सका। 2019 में ये दोबारा चुनाव जीत जाते हैं तो देश नहीं बचेगा। केजरीवाल ने भाजपा को शिकस्त देने की अपील की।

Arvind Kejriwal

केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में भाजपा को हराने की ताकत कांग्रेस में नहीं है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा का गठबंधन, दक्षिण में दूसरे दल ही अपने-अपने राज्य में भाजपा को हरा सकते हैं।

केजरीवाल ने गणित बताते हुए कहा कि 2014 के चुनाव में भाजपा को 46, आप को 33 फीसदी व कांग्रेस को 15 फीसदी वोट मिले थे। इस बीच भाजपा का वोट प्रतिशत दस फीसदी घटा है। यह कांग्रेस को चला जाता है तो उसका वोट प्रतिशत 25 पर होगा और भाजपा आसानी से चुनाव जीत जाएगी। अगर ये वोट उनकी पार्टी को मिले तो सातों सीटें आप के पास होंगी।