इतिहास में फेरबदल तो छोड़िए, हमने एक पन्ना तक नहीं बदला: जावड़ेकर

Avatar Written by: September 27, 2018 2:00 pm

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान इतिहास का एक पन्ना भी नहीं बदला गया है। जावड़ेकर के मुताबिक, फिलॉसफी आगे बढ़ाने के लिए किताबों का सहारा लेने की जरुरत नहीं है, यह सीधे संवाद से होता है। एजुकेशन एंड स्किल समिट 2018 में शिरकत करने आए जावड़ेकर ने कहा कि ये बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में इतिहास को नए सिरे से लिख जा रहा है।Prakash Javdekar BJPजावड़ेकर ने कहा कि हिंदुत्व में कोई बुराई नहीं है। उनके मुताबिक किसी भी धर्म में कोई बुराई नहीं होती है। जावड़ेकर ने कहा कि ‘जियो और जीने दो सिद्धांत’ भारत के मूल्य हैं। देश के अहम शिक्षण संस्थानों में संघ परिवार के लोगों को नियुक्त किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने हायर लर्निंग सेंटरों पर काबिल लोगों की नियुक्ति की है। हम विजन और लीडरशिप क्वॉलिटी की बुनियाद पर लोगों को चुनते हैं। मोदी सरकार मेरिट की वकालत करती है।स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर उन्होंने कहा, कि नेशनल असेस्मेंट सर्वे के तहत हर एक सरकारी स्कूल की मैपिंग करने का फैसला किया गया है। हम टीचरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ 12 वीं पास 14 लाख नॉन क्वॉलिफाएड टीचरों ने इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया है। स्वयं प्लेटफॉर्म की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत एनी टाइम लर्निंग, एनी प्लेस लर्निंग और लाइफ लॉन्ग लर्निंग की सुविधा दी गई है।

रोजगार के मुद्दे पर चर्चा करते हुए प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि शिक्षा का एकमात्र मकसद रोजगार हासिल करना नहीं है बल्कि एक बेहतर इंसान बनाना भी है। मैं इस मुद्दे पर कई वर्कशॉप कर चुका हूं। लोगों ने कहा कि हमारा सिलेबस इतना बड़ा है कि हम अन्य बातों पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। इसी वजह से हमने सिलेबस में 50 फीसदी की कटौती करने का फैसला किया है।PM Narendra Modi
एचआरडी मिनिस्टर के मुताबिक, ‘इनोवेशन पर प्रधानमंत्री का बहुत जोर है। इस साल 1.50 लाख इंजीनियर इस साल स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में हिस्सा लेंगे और तमाम समस्याओं का इनोवेटिव हल निकालेंगे। मैं बेहतर इंसान बनाने के अलावा रोजगार के नए मौके बढ़ाना चाहता हूं, लेकिन कोई भी देश इनोवेशन के बिना आगे नहीं बढ़ सकता है। समाज के गरीब तबके की शिक्षा के बारे में उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब बच्चा जो प्रतिभाशाली है, वह पैसे की कमी की वजह से शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।