सर्वश्रेष्ठ एवं उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत का कर्ज कम: आईएमएफ

Written by: October 10, 2018 5:39 pm

नई दिल्ली। एक बार फिर भारत की तारीफ करते हुए आईएमएफ ने कहा है कि भारत ना सिर्फ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, बल्कि बड़ी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम कर्ज लेनेवाला देश भी है। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ और उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत पर कर्ज का बोझ कम है।International Monetary Fund

इस अंतरराष्ट्रीय संस्था के अधिकारी ने कहा कि 2017 में वैश्विक ऋण 1 लाख 82 हजार अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया है। आईएमएफ के राजकोषीय मामलों के विभाग के निदेशक विटोर गैस्पर ने कहा कि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत में भारत का कर्ज वैश्विक कर्ज से कम है। इससे पहले आईएमएफ ने कहा था कि भारत की जीडीपी ग्रोथ के मामले में सबसे अव्वल रहेगा।IMF Chief Christine Lagarde

आईएमएफ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2017 में भारत में निजी ऋण (प्राइवेट लोन) जीडीपी का 54.5 प्रतिशत था, जबकि सरकार का कर्ज 70.4 प्रतिशत था। कुल लोन जीडीपी का 125 प्रतिशत था। वहीं चीन पर लोन जीडीपी का 247 प्रतिशत है। गैस्पर ने कहा कि ऐसे में भारत पर ऋण वैश्विक जीडीपी के प्रतिशत में काफी कम है।

International Monetary Fund

उन्होंने बताया कि भारत का कर्ज विकसित अर्थव्यवस्थाओं के औसत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के औसत से कम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से विकसित अर्थव्यवस्थाओं के कर्ज में बड़ा इजाफा हुआ है। गैस्पर ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत का निजी कर्ज जीडीपी के 60 प्रतिशत से घटकर 54.5 प्रतिशत पर आ गया है, जो काफी स्थिर है।