भारत ने एंटीगुआ से मेहुल चौकसी को हिरासत में लेने को कहा

Avatar Written by: July 30, 2018 5:00 pm

नई दिल्ली। भारत ने एंटीगुआ एवं बरबुडा से पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले के आरोपी मेहुल चौकसी को हिरासत में लेने की मांग की है ताकि वह देश छोड़कर भाग न पाए। विश्वस्त सूत्रों ने सोमवार को बताया कि विदेश मंत्रालय ने एंटीगुआ एवं बरबुडा सरकार से चौकसी के उनके देश में होने के बारे में पुष्टि करने को कहा है।Mehul Choksi

एक सूत्र के ने बताया, “हमारे उच्चायुक्त की एंटीगुआ एवं बरबुडा सरकार के संबद्ध अधिकारी से आज (सोमवार) मुलाकात हो रही है।” उन्होंने कहा, “हम लगातार यहां सरकारी एजेंसियों और सरकार के संपर्क में हैं।” पंजाब नेशनल बैंक के 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में वांछित चोकसी ने स्वीकार किया है कि उसने पिछले साल एंटीगुआ की नागरिकता ली थी। पीएनबी धोखाधड़ी मामले में चौकसी के साथ उसका भतीजा नीरव मोदी भी आरोपी है।

अधिकारियों ने किया था दावा मेहुल चौकसी भागकर एंटीगुआ पहुंचा

भगोड़ा आभूषण कारोबारी मेहुल चौकसी अमेरिका से भागकर कैरिबियाई देश एंटीगुआ पहुंच गया है। सरकार के सूत्रों ने यह मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक इंटरपोल की ओर से जारी नोटिस के जवाब में एंटीगुआ के अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बताया है कि चौकसी इस महीने उनके यहां पहुंचा।

Gitanjali group owner Mehul Choksi

एंटीगुआ के अधिकारियों ने यह भी बताया कि चौकसी के पास उनके देश का पासपोर्ट है। देश के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड का खुलासा होने के कुछ सप्ताह बाद, जनवरी के पहले सप्ताह में चौकसी देश छोड़कर भाग गया। पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े करीब 13,000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के दो मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चौकसी और उसके रिश्तेदार नीरव मोदी के खिलाफ केस दर्ज किए हैं।mehul choksi and neerav modi

मुंबई की एक विशेष अदालत ने चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। सीबीआई इस वारंट को आधार बनाते हुए चौकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस (आसीएन) जारी कराने के लिए इंटरपोल के पास गई लेकिन चोकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस होने की प्रक्रिया अभी चल रही है।

मेहुल चौकसी को सता रहा मॉब लिंचिंग का डर

पंजाब नैशनल बैंक में 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी और गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी ने भारत में कानून के कटघरे से बचने के लिए अब नया पैंतरा चला है। चौकसी ने मॉब लिंचिंग की आशंका जाहिर करते हुए स्पेशल कोर्ट से अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वॉरंट को रद्द करने की मांग की है। स्पेशल कोर्ट में दायर याचिका में चौकसी ने भारत वापसी पर अपने पूर्व कर्मचारियों, कर्जदाताओं के अलावा जेल स्टाफ और अन्य कैदियों से जान को खतरा बताया है। याचिका में कहा गया है, ‘याची के लिए कंपनी का संचालन असंभव हो गया है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला और कर्जदाताओं को पैसे वापस नहीं मिले, ये सभी लोग याची के खिलाफ आक्रोशित हैं और इसलिए जान का खतरा पैदा हो गया है।’

Punjab National Bank

आगे कहा गया है, ‘भारत में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल के समय में आम जनता सड़क पर ही न्याय करने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही है। आवेदक को भी इसी तरह का खतरा है। कई लोग आवेदक से नाराज हैं।’ अपील में कहा गया है कि चौकसी ने कभी जांच से दूरी नहीं बनाई है। जांच एजेंसियों ने उससे जो भी पूछा है उसका जवाब दिया है।’ यह भी लिखा गया है कि यदि चौकसी को भारत लाए जाने पर जेल में रखा जाता है तो जेल स्टाफ से भी खतरा रहेगा। अपील में कहा गया है कि अपने खराब स्वास्थ्य, पासपोर्ट रद्द होने और जान पर खतरे की वजह जैसी परिस्थितियों की वजह से चौकसी भारत नहीं जा रहा है।

मेहुल चौकसी ने किया खुलासा, इस वजह से ली एंटीगुआ की नागरिकता

पंजाब नेशनल बैंक के दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे हीरा व्यापारी मेहुल चौकसी फिलहाल एंटीगुआ में है। और उसे वहां की नागरिकता भी मिल गई है। मेहुल की नागरिकता और कई देशों में ट्रैवल करने को लेकर विवाद हो रहा है। जिसके बाद अब खुद मेहुल चौकसी ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। चौकसी ने अपने बयान में कहा है कि एंटीगुआ के पासपोर्ट पर वो 132 देशों में बिना वीजा के घूम सकता है। साथ ही उसने एंटीगुआ की नागरिकता अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए लिया है।

Mehul Choksi

एंटीगुआ की स्थानीय अखबार ‘डेली ऑबजर्वर’ की खबर के मुताबिक, चौकसी का ये बयान उसके वकील डेविड डोरसेट ने जारी किया है। साथ ये भी कहा है कि भारतीय जांच एजेंसी और मीडिया की ओर से लगाए जा रहे आरोपों में सच्चाई नहीं है। मेहुल के एंटीगुआ में होने की खबर बाहर आने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गीतांजलि जेम्स के मालिक मेहुल चौकसी के संबध में एंटीगुआ के अधिकारियों को पत्र लिखा है। सीबीआई ने ये पत्र इंटरपोल के अधिकारियों द्वारा एंटीगुआ में मेहुल के नए ठिकाना का जिक्र करने के बाद लिखा है।