भारतीय रेलवे के इस आधुनिक ट्रेन के बारे में जानकर आप हो जाएंगे हैरान

Avatar Written by: October 15, 2018 5:46 pm

नई दिल्ली। भारतीय रेल जल्‍द ही अपनी सेमी हाई स्‍पीड ट्रेन T-18 पटरियों पर उतारने जा रही है। बिना लोको इंजन वाली इस ट्रेन का निर्माण चेन्‍नई की कोच फैक्‍टरी में निर्माण किया गया है। रेलवे अगली पीढ़ी की इस ट्रेन को 2018 अंत तक लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इस रेलगाड़ी का ट्रायल उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में किया जाना तय हुआ है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

Train 18 Semi High Speed
भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक रेल ट्रेन 18

इस गाड़ी को लगभग 20 से 21 बार चला कर परीक्षण किया जाएगा। इस ट्रायल के लिए मुरादाबाद मंडल में लगभग 100 किलोमीटर के ट्रैक को चिन्हित किया गया है। इस रेलगाड़ी को शताब्दी रेलगाड़ियों की जगह चलाया जाना है। इस गाड़ी की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। उत्तर रेलवे की मानें तो T-18 के ट्रायल के लिए तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल में इस रेलगाड़ी का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा। इस ट्रायल के दौरान रेलगाड़ी की गति व तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी।

ट्रेन 18 सामान्य ट्रेन नहीं है

देश की सबसे आधुनिक ट्रेन मानी जा रही ट्रेन 18 एक सामान्य ट्रेन नहीं है। दरअसल ये एक ट्रेन सेट है। इस रेलगाड़ी को चलाने के लिए इसमें कोई इंजन नहीं लगाना होता है। इस गाड़ी के अगले व पिछले हिस्से में ही इंजन होता है। ऐसे में इस गाड़ी को किसी टर्मिनल पर या रास्ते में कहीं इंजन की मदद से खींच कर घुमाने की भी जरूरत नहीं पड़ती ये आगे व पीछे दोनों दिशाओं में चलती है।Train 18 Semi High Speed

सामान्य रेलगाड़ियों को चलने पर गति पकड़ने में कुछ समय लगता है। जबकि ट्रेन 18 तुरंत गति पकड़ लेती है। ब्रेक लगने पर भी ये कुछ सेकेंडों में ही वापस अपनी पुरानी गति को मेंटेंन कर लेती है। गाड़ी की यह खूबी इस गाड़ी की गति को बढ़ाने में मदद करती है।Train 18 Semi High Speed

इस रेलगाड़ी की एरोडाइनमिक डिजाइन काफी बेहतर है। इसके चलते गाड़ी की गति मेंटेन करने में काफी मदद मिलती है। सामान्य ट्रेनों को पटरियों के तीखे मोड़ों पर काफी गति कम करनी पड़ती है। ऐसे में गाड़ी को वापस गति पकड़ने में समय लगता है। वहीं ट्रेन 18 को यहां डिजाइन का लाभ मिलता है। इस गाड़ी को तीखे मोड़ों पर उतनी गति कम नहीं करनी पड़ती है जितनी सामान्य रेलगाड़ियों को पड़ती है। वहीं डजाइन के चलते-चलते ये रेलगाड़ी तुरंत गति भी पकड़ लेती है।

क्यों पड़ा इसका नाम ट्रेन 18

ट्रेन 18 का पहला प्रोटोटाइप बन कर जून 2018 में बन कर तैयार हुआ। इसके चलते ही इस रेलगाड़ी का नाम ट्रेन 2018 पड़ा। हालांकि यह जब सामान्य सेवा में चलायी जाएगी तो इसे अन्य गाड़ियों की तरह किसी रूट का खास नाम दिया जा सकता है।Union minister Piyush Goyal

बुलेट ट्रेन जैसी दिखने वाली ये ट्रेनें सेमी हाई स्पीड ट्रेनें होंगी। रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने में ये गाड़ियां रेलवे का बड़ा कदम होंगी। इस गाड़ियों की औसत गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

  • Train 18 Semi High Speed

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    भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक रेल ट्रेन 18

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”ट्रेन-18” भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक ट्रेन होगी। इस रेलगाड़ी मॉडर्न लुक दिया गया है। इस ट्रेन अत्याधुनिक डिजाइन और तकनीक से लैस है। इस ट्रेन में ड्राइवर के केबिन में ही पूरा मैनेजमेंट सिस्टम दिया गया है। ट्रेन के कैप में बैठा ड्राइवर मेट्रो की तरह ब्रेक कंट्रोल और ऑटोमेटेड डोर कंट्रोल को अपने नियंत्रण में रख सकेगा। Train 18 Semi High Speedइस ट्रेन के अंदर लगाया गया एयर कंडीशन सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है। ये मौसम के अनुसार तापमान नियंत्रित करता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रेलगाड़ी में इमरजेंसी बटन दिए गए हैं। वहीं अंदर लगे दरवाजे शीशे के हैं। अंदर का माहौल साउंड प्रूफ है। ऐसे में बाहर गाड़ी का शोर यात्रियों को परेशान नहीं करेगा।Train 18 Semi High Speed

इस ट्रेन को बनाते समय विकलांग लोगों की जरूरत को भी ध्यान रखा गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंदर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। ट्रेन का इंटीरियर बेहतरीन होगा और साथ ही ट्रेन को वाईफाई और जीपीएस के साथ साथ तमाम अन्य यात्री सुविधाओं से लैस किया गया है। इस रेलगाड़ी में सीटें बुलट ट्रेन जेसी आरामदायक दी गई हैं। तेज गति से ट्रेन चलने पर भी यात्रियों को इस बात का एहसास नहीं होगा की गाड़ी तेज चल रही है। Train 18 Semi High Speedइस ट्रेन के अंदर एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है। इसके चलते यात्रियों को ब्रेक लगने पर बिलकुल भी झटका नहीं लगेगा। इस ट्रेन में वैकल्पिक कोच में मोटराइज्ड इंजन की व्यवस्था की गई है ताकि पूरी ट्रेन एक साथ तेजी से चल सके और रुक सके। ट्रेन शुरू से लेकर आखिरी तक आपस में जुड़ी होगी।

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