कुंभ में धर्म संसद: राम मंदिर मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पास, नेता भी कर रहे शिरकत

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, गौरक्षा, गंगा सफाई समेत तमाम मुद्दों को लेकर द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा बुलाई गई तीन दिवसीय धर्म संसद सोमवार से शुरू हो गई।

Avatar Written by: January 28, 2019 2:01 pm

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, गौरक्षा, गंगा सफाई समेत तमाम मुद्दों को लेकर द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा बुलाई गई तीन दिवसीय धर्म संसद सोमवार से शुरू हो गई। धर्म संसद के पहले दिन केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ राम मंदिर निर्माण के लिए उचित कदम न उठाने के लिए आलोचना प्रस्ताव लाया गया। तीन दिनों तक चलने वाली इस धर्म संसद में राम मंदिर का मुद्दा प्रमुख होगा।

सोमवार से शुरू हुई धर्म संसद में साध्वी पूर्णांबा ने मोदी सरकार के खिलाफ आलोचना प्रस्ताव पेश किया, जिसे संसद ने सर्वसम्मति से पास किया। साध्वी पूर्णांबा के प्रस्ताव के मुताबिक पिछले वर्ष वाराणसी में हुई परम धर्म में मोदी सरकार को राम मंदिर निर्माण के उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सरकार द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही न किए जाने के चलते आलोचना प्रस्ताव लाया गया।

बता दें कि 3 दिनों तक चलने वाली इस धर्म संसद में सभी राजनीतिक दलों को भी शामिल होने का न्योता दिया गया है। धर्म संसद में राम मंदिर का मुद्दा प्रमुख होगा। पहले दिन इस धर्म संसद में शामिल होने के लिए बीजेपी सांसद गोपाल नारायण सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता रेवती रमण सिंह पहुंचे।

बीजेपी सांसद गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि राम मंदिर मसले को लेकर सरकार की संवैधानिक दायरे के बाहर नहीं जा सकती. उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण में देरी को लेकर हिंदू समाज जिम्मेदार है, हमें लोकसभा में बहुमत है लेकिन राज्यसभा में हमारा बहुमत नहीं है।

सपा नेता रेवती रमण सिंह ने राम मंदिर के मसले पर चर्चा में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा वि वे गंगा सफाई के मुद्दे पर बोलने आए हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि धर्म संसद के जरिए ये प्रस्ताव तय किया जाएगा कि जब तक राम मंदिर निर्माण की शुरुआत की तारीख नहीं पता चलती तब तक साधु संन्यासी इस धर्म संसद से नहीं हटेंगे।

30 जनवरी को इस धर्म संसद के खत्म होने के बाद 31 जनवरी से प्रयागराज में विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद शुरू होगी। प्रयागराज में अर्धकुंभ के लिए आए साधु संन्यासी पहले ही मोदी सरकार से नाराजगी जता चुके हैं और अब ऐसे में राम मंदिर निर्माण को लेकर साधुओं का सब्र भी टूट रहा है।