मालेगांव ब्लास्ट: चिदम्बरम और दिग्विजय पर बड़ा खुलासा, ‘जेल से रिहा करवाने के लिए रखी थी शर्त’

Avatar Written by: October 21, 2018 8:00 am

नई दिल्ली। मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर इस समय जमानत पर हैं। बता दें कि ब्लास्ट मामले में साध्वी को नौ साल तक जेल काटनी पड़ी है। पहली बार मालेगांव ब्लास्ट मामले में नाम आने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह सुर्खियों में आई थीं। उन्हें पिछले साल अप्रैल में बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव ब्लास्ट केस में जमानत दे दी थी।पिछले साल दिसम्बर में एन.आई.ए. स्पेशल कोर्ट ने साध्वी और अन्य आरोपियों को मामले में बरी करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। नौ साल जेल में रहने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने पहली बार एक टीवी शो में बेबाकी से अपनी बात रखी, और कई सवालों का जवाब दिया। लोकसभा इलेक्शन को लेकर साध्वी ने कहा कि 2019 चुनाव में प्रचार तो मैं कर सकती हूं.. राष्ट्रधर्म के लिए, देश की समाजिक व्यवस्था के लिए जो भी अनिवार्य होगा वह बात मैं रखूंगी।बीजेपी सरकार और मोदी के सवालों पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मोदी जी राष्ट्रभक्त हैं मैं जरूर उनका समर्थन करूंगी, देश में एक व्यक्ति ऐसा है जो कि विश्व जहां भी जाता है देश का मस्तक ऊंचा हो जाता है। साथ ही आतंकवाद को लेकर कहा कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता, ये षड्यंत्र विधर्मियों का है, व्यक्ति आतंकवादी हो सकता है लेकिन इसे धर्म या जाति से जोड़ना गलत है।

साध्वी ने कहा कि जब देश में नैतिकता का बोलबाला होगा, भ्रष्टाचार का खात्मा होगा उस दिन यह देश पूरी तरह से हिंदूवादी हो जाएगा। साथ ही ये भी कहा कि स्वामी अग्निवेश को मैं ज्यादा नहीं जानती थी। वह भी षडयंत्र का एक भाग थे। साध्वी ने कहा कि अग्निवेश ने मुझे ऑफर दिया कि मैं पी. चिदम्बरम, सुशील शिन्दे से कह कर आपको जेल से रिहा करवा दूंगा, अगर आप आरोप स्वीकार कर लें।

मैंने उनसे कहा, जाकर चिदम्बरम और शिन्दे को बता दीजिए कि अगर वो ईमानदारी से भी जांच करवा लें, तो मैं जेल के बाहर रहूंगी। तो वहीं दिग्विजय सिंह पर बोलते हुए बताया कि उन्हें राष्ट्रवादियों से बहुत डर लगता है, हेमंत करकरे की हत्या के बाद भी वह कहते हैं कि उनकी हत्या भी हिंदू संगठनों ने की है। साध्वी ने कहा कि दिग्विजय आतंकवादियों के घर जाकर पैसे देकर आते हैं।

साध्वी ने कहा कि स्वामी असीमानंद बुजुर्ग व्यक्ति हैं और हो सकता है यातनाओं से तंग आकर वो टूट गए होंगे और जैसा जांच एजेंसियां चाहती थीं वैसा बयान दिलवा दिया गया।

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