ममता को केजरीवाल से मुलाकात की अनुमति नहीं मिली

Written by: June 16, 2018 9:41 pm

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने की इजाजत नहीं दी है।Raghav Chadha AAP

केजरीवाल उपराज्यपाल के कार्यालय सह आवास ‘राजनिवास’ में पिछले छह दिनों से धरने पर हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता राघव चड्ढा ने शनिवार को ट्वीट किया, “उपराज्यपाल ने मिलने की इजाजत नहीं दी।”

राघव के ट्वीट को आगे बढ़ाते हुए केजरीवाल ने कहा कि ‘यह अत्यंत विचित्र होता जा रहा है।’

इससे पहले चड्ढा ने ट्वीट किया था, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार रात आठ बजे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के लिए उपराज्यपाल से समय मांगा है।”

केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन व गोपाल राय सोमवार से ही राजनिवास में धरने पर हैं। इनकी मांग है कि उपराज्यपाल दिल्ली में प्रशासन चलाने वाले आईएएस अधिकारियों को अघोषित हड़ताल खत्म कर काम करने का निर्देश दें।

आईएएस अधिकारियों को उकसा रही है भाजपा : केजरीवाल

केजरीवाल ने कहा कि आईएएस अधिकारी दबाव में हैं और उनकी हड़ताल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) से प्रेरित है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी उनका रुख स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह भाजपा के साथ हैं या दिल्ली की जनता के साथ।Rahul Gandhi And Arvind Kejriwal

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार के पास उतना अधिकार नहीं है, जितना पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पास था।

उन्होंने कहा, “मेरे पास एक चपरासी का भी तबादला करने की शक्ति नहीं है, लेकिन दीक्षित के पास अधिकारियों का दबादला करने और भ्रष्टाचार के आरोपों में उनकी गिरफ्तारी भी करवाने की शक्ति थी।”AAP Hunger Strike

भाजपा पर आईएएस अधिकारियों को हड़ताल के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा अधिकारियों पर हड़ताल करने के लिए दबाव डाल रही है। भाजपा दबाव में है, क्योंकि दिल्ली में ‘आप’ सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। मैं यहां दिल्ली की जनता के लिए बैठा हूं और उन्हें यह सुनिश्चत करता हूं कि स्थिति बदलेगी।”AAP hunger strike

केजरीवाल ने कहा, “हम यहां छह दिनों से बैठे हैं। हम असहाय बैठे हैं, आईएएस अधिकारी दिल्ली में पिछले तीन महीने से हड़ताल पर हैं। वे फाइलों का निपटारा करने के लिए दफ्तर आते हैं, मगर किसी आधिकारिक बैठक में हिस्सा नहीं लेते हैं।”

उन्होंने कहा, “वे फोन नहीं उठाते हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में भी हमारे संदेशों का जवाब नहीं देते हैं। वे मंत्रियों के साथ कार्यक्षेत्र के निरीक्षण पर नहीं आते हैं। कोई सरकार इस तरह से नहीं चल सकती है। हम यहां हड़ताल खत्म करवाने के लिए बैठे हैं।”AAP hunger strike

धरने से सरकार का कामकाज बाधित होने को लेकर पूछे गए सवाल पर केजरीवाल ने कहा, “आईएएस अधिकारियों की हड़ताल के कारण सरकार का कामकाज नहीं चल रहा है, न कि हमारे धरने के कारण। हमें ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया।”