मनोहर पर्रिकर ने देशहित में लिए थे ये बड़े फैसले

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन हो गया। भारत के रक्षा मंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया था। बतौर रक्षामंत्री उनका कार्यकाल छोटा था लेकिन भारत की कई अहम सफलताओं में उनका नाम जुड़ा हुआ है।

Written by Newsroom Staff March 18, 2019 12:35 pm

नई दिल्ली।  गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन हो गया। भारत के रक्षा मंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया था। बतौर रक्षामंत्री उनका कार्यकाल छोटा था लेकिन भारत की कई अहम सफलताओं में उनका नाम जुड़ा हुआ है। पर्रिकर 2014 से 2017 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में रक्षा मंत्री रहे। मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा- ‘जब पर्रिकर रक्षा मंत्री थे तो भारत ने कई फैसले लिए जिसने देश की सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाया, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ाया और पूर्व सैनिकों के जीवन को बेहतर बनाया।’

PARIKAR

फ्रांस के साथ राफेल डील से लेकर पाकिस्तान के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक तक, ऐसे कई फैसलों के वक्त वे देश के रक्षा मंत्री थे और उनके ऊपर काफी बड़ी जिम्मेदारी थी। उन्होंने इसे बखूबी निभाया। भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल विमान खरीदने के लिए डील किया था। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्रिकर के निधन पर ट्वीट करते हुए जब लिखा तो उन्होंने यह भी कहा- “वे सरल और जमीनी थे, मैंने श्री पर्रिकर से काफी कुछ सीखा।


रक्षामंत्री के रूप में सशस्त्र बलों को एक आधुनिक, चुस्त-दुरुस्त लड़ाकू मशीन बनाने में उनका योगदान अद्वितीय बना रहेगा।“

manohar parrikar

उरी में हुए आतंकी हमले में 19 सैनिकों के शहीद होने के बाद भारत ने सितंबर 2016 में पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। पर्रिकर ने रक्षा मंत्री रहते हुए यह भी सुनिश्चित किया था कि भारतीय वायुसेना को जल्द से जल्द देश में बने हुए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस मिल जाए।

manohar parrikar

पर्रिकर ने सैनिकों को वन रैंक, वन पेंशन स्कीम (ओआरओपी) दिलाने के लिए भी मदद की। उनका मानना था कि मोदी ने अगर वादा किया है तो सैनिकों को ये मिलना चाहिए। आखिरकार सरकार ने वित्त मंत्रालय के साथ मतभेदों के बावजूद इसे लागू किया।

Manohar Parrikar CM of GOA

पर्रिकर ने आर्मी के हथियारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए शेकटकर कमिटी की सिफारिश को लागू करने का फैसला भी किया था।