मोदी सरकार मंगलवार को पेश करेगी नागरिकता संशोधन बिल, हिंदू और सिखों को होगा ये बड़ा फायदा

Written by: January 7, 2019 7:46 pm

नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने सोमवार को बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी, इसका ड्राफ्ट दोबारा से तैयार किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में विधेयक को मंजूरी दी गई। इसे मंगलवार को लोकसभा में रखे जाने की उम्मीद है।

बता दें कि ये विधेयक 2016 में पहली बार पेश किया गया था। असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में इस विधेयक के खिलाफ लोगों का बड़ा तबका प्रदर्शन कर रहा है। उनका कहना है कि यह 1985 के असम समझौते को अमान्य करेगा जिसके तहत 1971 के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को निर्वासित करने की बात कही गई थी, भले ही उसका धर्म कोई भी हो।

क्या कहता है विधेयक?

नया विधेयक नागरिकता कानून 1955 में संशोधन के लिए लाया गया है। यह विधेयक कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता प्रदान करेगा। बीजेपी ने 2014 के चुनावों में इसका वादा किया था।

पूर्वोत्तर के आठ प्रभावशाली छात्र निकायों के अलावा असम के 40 से ज्यादा सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने नागरिकता अधिनियम में संशोधन करने के सरकार के कदम के खिलाफ मंगलवार को बंद बुलाया है।

NDA से बाहर हुई एजीपी

बिल संसद में पेश होने से पहले ही मोदी सरकार को इसकी कीमत चुकानी पड़ी है। असम गण परिषद (एजीपी) ने नागरिकता संशोधन विधेयक के मुद्दे पर सोमवार को असम की एनडीए सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया।

Rajnath Singh

गृहमंत्री से मुलाकात के बाद बोरा ने कहा, ‘हमने इस विधेयक को पारित नहीं कराने के लिए केंद्र को मनाने के लिए आज आखिरी कोशिश की, लेकिन सिंह ने हमसे स्पष्ट कहा कि यह लोकसभा में कल (मंगलवार) पारित कराया जाएगा। इसके बाद, गठबंधन में बने रहने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।