रविवार को पहली बार अंडमान-निकोबार पहुंचे पीएम मोदी, नेताजी के इस सपने को किया पूरा

Avatar Written by: December 30, 2018 7:47 pm

नई दिल्ली। रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंडमान-निकोबार पहुंचे, यहां उन्होंने कई परियोजनाओं की नींव रखी। यात्रा में पीएम मोदी ने नील आइलैंड, रॉस आइलैंड और हैवलॉक आइलैंड के नाम बदलने की घोषणा की। जिसके बाद रॉस आइलैंड का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस, नील आइलैंड का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक आइलैंड का नाम स्वराज द्वीप कर दिया गया।

दरअसल, 30 दिसंबर 1943 को नेताजी ने दूसरे विश्व युद्ध में जापानियों द्वारा इन द्वीपों पर कब्जा किए जाने के बाद यहां पहली बार तिरंगा फहराया था। जिसकी वजह से भारतीयों के दिल में इसकी एक खास जगह है। यही नहीं पीएम मोदी ने कार निकोबार में सात मेगावॉट के सौर विद्युत संयंत्र और सौर गांव का लोकार्पण किया।

 कई परियोजनाओं का ऐलान

पीएम मोदी ने कई परियोजनाओं के चलते अरोंग में आईटीआई और कार निकोबार में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी उद्घाटन किया। इस यात्रा में पीएम मोदी अंडमान-निकोबार की सेल्यूलर जेल में भी गए।

 वहां जाकर मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर सावरकर की कोठरी में जाकर ध्यान भी लगाया। बता दें कि जब देश में ब्रिटिश शासन था तो कालापानी की सजा के तौर पर वीर सावरकर को यहीं रखा गया था।

150 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया

पीएम मोदी ने पोर्ट ब्लेयर के साउथ पॉइंट पर 150 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया। इसके साथ ही उन्होंने मरीना पार्क में स्थित नेताजी की मूर्ति पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया। इस जगह की खास बात यह है कि पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 75 साल पहले तिरंगा फहराया था। तब उन्होंने ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर शहीद और स्वराज द्वीप करने का सुझाव दिया था। जिसे अब जाकर मोदी सरकार ने पूरा किया है। इससे पहले मोदी ने कार निकोबार में 2004 की सुनामी में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी।

75 रुपये का विशेष स‍िक्का जारी

इस मौके पर केंद्र सरकार ने 75 रुपये का विशेष स‍िक्का जारी करने की घोषणा की। इस सिक्के को पहली बार तिरंगा फहराए जाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर जारी किया जाएगा। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने नोटिफ‍िकेशन भी जारी कर दिया है। हालांकि ये सिक्के आम चलन में नहीं होंगे।

सिक्के की खासियत

सिक्के पर सेल्युलर जेल के पीछे तिरंगे को सलामी देते नेताजी सुभाष चंद्र बोस का चित्र बना होगा। उनकी तस्वीर के नीचे ही अंकों में 75 लिखा होगा। सिक्के पर देवनागरी और अंग्रेजी में ‘प्रथम ध्वजारोहण दिवस’ भी लिखा होगा। 75 रुपये के इस सिक्के का वजन 35 ग्राम होगा। यह सिक्का 50 फीसदी चांदी से बना होगा। 40 फीसदी इस पर तांबा लगा होगा और 5-5 फीसदी जिंक और निकल धातु होगी।

पीएम मोदी ने नेताजी को याद किया

पोर्ट ब्लेयर में मोदी ने कहा, “सुभाष बाबू का यह मानना था कि हम प्राचीन काल से एक हैं। गुलामी के समय इस एकता को अलग-अलग करने का प्रयास जरूर हुआ लेकिन आज मुझे खुशी है कि नेताजी की भावनाओं के अनुरूप आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ”आज हम मेनलैंड और आईलैंड की बात करते हैं। मेरे लिए यहां का कण-कण मेनलैंड है। पोर्ट ब्लेयर उतना ही मेनलैंड है जितनी मुंबई, दिल्ली और चेन्नई है।”

लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि ”इंटीग्रेशन की भावना तब और मजबूत हो जाती है जब इतिहास के नायकों को याद रखते हैं। जो देश अपने वास्तविक नायकों, इतिहास, सम्मान को सदैव दूर रखता है वह तरक्की नहीं कर सकता है। जो इसे संभाल लेता है, वह उतना सशक्त होता है।”

यूनिवर्सिटी की घोषणा

एक यूनिवर्सिटी की घोषणा करते हुए मोदी ने कहा कि ”मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस डीम्ड यूनिवर्सिटी की भी घोषणा करता हूं। देश के कोने-कोने, जन-जन का विकास होना चाहिए। अंडमान-निकोबार के विकास के लिए सरकार ने एक योजना बनाई है। इसका नाम लक्षद्वीप एंड अंडमान डेवलमेंट स्कीम। जो भी उद्योगपति यहां इकोफ्रेंडली प्लांट लगाएंगे, उन्हें सरकार मदद देगी। इससे टूरिज्म और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।”

Support Newsroompost
Support Newsroompost