भाजपा ने अपने दम पर सांगली और जलगांव में एनसीपी, कांग्रेस व शिवसेना को दिखाया आईना

Avatar Written by: August 3, 2018 8:52 pm

नई दिल्ली। मोदी लहर खत्म होने के दुष्प्रचार के बीच महाराष्ट्र से एक बार फिर जो खबर आई है, वह विपक्षी दलों को वास्तविकता के रूबरू कराने का एक और मौका दिया है। 25 जुलाई को नागपुर काउंसिल के चुनाव परिणाम के बाद सांगली और जलगांव महानगरपालिका चुनाव परिणाम में कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना तीनों का सूपड़ा साफ हो गया है।Amit Shah & Narendra Modi

लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर पहली बार देखने को मिली। तब से लेकर अब तक लगातार चौथे साल भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता कायम है। उसी का परिणाम है कि चुनाव दर चुनाव भारतीय जनता पार्टी अपने विरोधी पार्टियों को पीछे छोड़ती जा रही है।  BJP Win election

भाजपा ने जलगांव नगर निगम (जेएमसी) में शिवसेना के किले को ढहाते हुए 75 सीटों में से 57 सीटें जीती। शिवसेना नेता सुरेश जैन की खान्देश विकास आघाडी (केवीए) केवल 13 सीटें जीत सकीं। केवीए ने पिछले कई वर्षों तक जेएमसी में शासन किया। एक स्थानीय संगठन केवीए ने इन बार शिवसेना के चिह्न पर चुनाव लड़ा था और जेएमसी में उसकी 36 सीटें थीं। modi amit shahऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने तीन सीटों पर दर्ज की जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। एनसीपी को एक भी सीट नहीं मिली जबकि पहले उसके नगर निकाय में 11 पार्षद थे। कांग्रेस जलगांव में लगातार दूसरी बार अपना खाता भी नहीं खोल सकी।

भाजपा ने सांगली-मिराज-कुपवाड नगरपालिका में 78 में से 41 सीटें हासिल करके जीत हासिल की और कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया। पश्चिमी महाराष्ट्र नगर निकाय में वर्तमान में सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को केवल 20 सीटों पर जीत हासिल हुई जबकि उसकी सहयोगी पार्टी एनसीपी को केवल 15 सीटें मिली। अन्यों को दो सीटों पर जीत मिली। भाजपा का इस नगर निकाय में एक भी पार्षद नहीं था। इन दोनों नगरपालिकाओं में एक अगस्त को मतदान हुआ था और आज वोटों की गिनती हुई।

महाराष्ट्र में इससे पहले भी सिर चढ़कर बोला था मोदी का जादू

महाराष्ट्र में इसी साल 13 अप्रैल को आए निकाय चुनाव परिणाम भाजपामय रहे। यहां निकाय चुनाव के तहत जामनेर, अजरा, कांकावाली, गुहागार, देवरुख और वैजापुर सीटों पर म्यूनिसिपल काउंसिल के चुनाव हुए।

यहां कुल 115 सीटों पर चुनाव हुआ जिसमें अकेले भारतीय जनता पार्टी 57 सीटों पर विजयी हुई। यह सीट कुल सीटों को पचास प्रतिशत है। म्युनिसिपल काउंसिल और पंचायत अध्यक्ष की 6 सीटों में से 4 पर भाजपा की झोली में जनता ने डाल दिया।

महाराष्ट्र में 7 अक्टूबर, 2017 को हुए विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव के परिणाम आए थे। इसमें बीजेपी ने लगभग 50% सीटों पर कब्जा जमा लिया था।

मीरा-भायंदर महानगर पालिका भी हुई थी भाजपामय

पंचायत चुनाव से पहले मीरा-भायंदर महानगर पालिका के चुनाव में बीजेपी ने शिवसेना और कांग्रेस को बहुत पीछे छोड़ दिया था। चुनाव में बीजेपी 61 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। चुनाव परिणाम में बीजेपी को 61, शिवसेना को 22, कांग्रेस को 10 और अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली थी जबकि एनसीपी का खाता भी नहीं खुला था।

महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में दिखी थी भाजपा की लहर

महाराष्ट्र में महानगरपालिकाओं और जिला परिषदों के लिए हुए चुनावों में बीजेपी ने भारी जीत दर्ज की। बीएमसी की 227 सीटों में बीजेपी को 82 सीटें मिली। पुणे में बीजेपी को 74, नागपुर में 70, नासिक में 33, पिंपरी चिंचवाड़ में 70, इसी तरह उल्हासनगर में 34, सोलापुर में 49, अकोला में बीजेपी को 48 और अमरावती मे 45 सीटें मिली। 1514 जिला परिषद चुनाव में बीजेपी को 403, शिवसेना को 269, कांग्रेस को 300, एनसीपी को 344 सीटें मिली।bjp

महाराष्ट्र की चंद्रपुर और लातूर महानगरपालिका चुनावों में बीजेपी को भारी सफलता मिली। लातूर में पिछली बार बीजेपी को एक भी सीट नही मिली थी। इस बार 41 सीटों पर कामयाबी मिली। आजादी के बाद पहली बार यहां कांग्रेस को करारी हार मिली।

महाराष्ट्र में पहली बार म्यूनिसिपल काउंसिल के अध्यक्ष पद के लिए डायरेक्ट चुनाव हुए। इसमें बीजेपी को 51 सीटें मिलीं जो कि कांग्रेस, एनसीपी या शिवसेना से दोगुनी है। शिवसेना को 25 और कांग्रेस को महज 23 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। यानी 2011 में जो पार्टी चौथे नंबर पर थी, वो नोटबंदी के फैसले के बाद 2016 में पहले नंबर पर आ गई, वो भी ग्रामीण इलाके में।