मानसून सत्र: किरण रिजिजू बोले- रोहिंग्या भारत में अवैध रूप से दाखि‍ल हुए

Avatar Written by: July 31, 2018 8:50 am

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का आज 9वां दिन है। मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के 2 अन्य सांसदों ने एनआरसी के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। वहीं राज्यसभा में एनआरसी पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अमित शाह के बयान पर जोरदार हंगामा हुआ जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

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हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

टीएमसी सांसद वेल में आकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सभापति ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप लोग आसन को चुनौती दे रहे हैं।

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू

राज्यसभा में जोरदार हंगामा, कार्यवाही 1.10 बजे तक स्थगित

राज्यसभा में अमित शाह के बयान के बाद जोरदार हंगामा। वेल में आकर विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे हैं। भाजपा के सांसद भी अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी कर रहे हैं। स्पीकर ने सभी सांसदों से शांत रहने की अपील की।

भाजपा सांसद अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि अवैध घुसपैठियों को पहचानकर उन्हें अलग करने के लिए एक एनआरसी बनाया जाएगा और यह पहले से तय था। उन्होंने कहा कि यह करने की हिम्मत आप में नहीं थी लेकिन हम में हिम्मत है और यह करके दिखाया है। शाह ने विपक्षी सांसदों से पूछा कि 40 लाख घुसपैठियों को कौन बचाना चाहता है।

भाजपा सासंद अमित शाह ने कहा कि किसी भी नेता ने एनआरसी के मूल का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि असम में जोरदार आंदोलन हुआ और 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने असम रिकॉर्ड बनाया था।

असम से बीपीएफ सांसद बिश्वजीत दैमारी ने कहा कि 40 लाख की जो संख्या है वह नहीं बढ़ सकती क्योंकि इसमें नवजात बच्चों तक का नाम शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें देश के बाकी राज्यों को भी असम का सहयोग करना चाहिए।

राज्यसभा में टीडीपी सांसद वाईएस चौधरी ने कहा कि असम में 40 लाख लोगों को शरणार्थी घोषित कर दिया गया अब वो कहां जाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि आगे ऐसा फैसला देश के किसी भी राज्य में आ सकता है और हमें रंग, समुदाय, जाति, धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए।

राज्यसभा में टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर ने एनआरसी पर चर्चा के दौरान कहा कि असम में कई अहम लोगों के नाम काटे गए हैं। यहां तक कि डिप्टी स्पीकर और सरकारी कर्मचारियों के नाम भी गायब हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला संविधानिक अधिकारों के खिलाफ है और मानव अधिकारों का उल्लंघन है।

लोकसभा में टीएमसी सांसद सौगत राय ने एनआरसी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह केंद्र की ‘बांटो और राज करो’ नीति का हिस्सा है। इस पर स्पीकर ने कहा कि गृहमंत्री बयान दे चुके हैं और आगे यह मुद्दा सदन में नहीं उठाना चाहिए।

Rajya sabha

सपा सांसद रामगोपाल यादव ने चर्चा के दौरान कहा कि ऐसा चर्चा है कि जिनके पास सबूत हैं उनके भी नाम लिस्ट से काटे गए हैं। यादव ने कहा कि संविधान के मुताबिक किसी को भी देश के किसी भी हिस्से में रहने का मौलिक अधिकार है जबकि लिस्ट में से बिहार, यूपी, हिन्दू, मुसलमान सभी के नाम काटे गए हैं, वो अब कहां जाएंगे। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में अगर किसी का नाम काट दिया जाएगा तो वह कहां जाएगा, क्योंकि वह कोई विदेशी तो है नहीं।

असम की सरकार हो चाहे केंद्र की, इसे किसी भी रूप में राजनीति के मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। यह मानव अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है और न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

आजाद ने कहा कि एनआरसी साबित करने की जिम्मेदारी सिर्फ व्यक्ति पर नहीं बल्कि सरकार पर भी होनी चाहिए। क्योंकि सभी के लिए यह साबित करना आसाना नहीं है और सभी व्यक्ति को कानूनी सहायता मिलनी ही चाहिए. साथ ही आजाद ने कहा कि किसी के साथ जबदस्ती नहीं होनी चाहिए और 16 सबूतों में से कोई एक भी सबूत मिलने पर उसे स्वीकार किया जाना चाहिए।

एनआरसी के मुद्दे पर चर्चा की शुरुवात करते हुए नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारे देश में कोई भी नागरिक को जाति-धर्म के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मानव अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है और संख्या 40 लाख नहीं बल्कि परिवारों को मिलाकार 1.2 करोड़ से ज्यादा है।

सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि अगर सदन की यही भावना है तो कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला काफी संवेदनशील है और इसी वजह से मैंने गृहमंत्री को सदन में रहने के लिए कहा है।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने एनआरसी के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि प्रश्न काल स्थगित कर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जा सकती है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय गोयल कि इस प्रस्ताव पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।Rajnath Singh

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या को सीमा में घुसने से रोकने के लिए बीएसएफ और असम राइफल्स को अलर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यों को ताजा एडवाइजरी जारी की गई है कि वह एक जगह सभी रोहिंग्या को जमा करें साथ ही उनके मूवमेंट पर भी निगरानी की जानी चाहिए। गणना और पहचान की जानकारी जुटाकर भेजने को भी कहा गया है। सभी तथ्य जुटा लेने के बाद म्यांमार सरकार से बात कर उन्हें वापस भेजने की कोशिश की जाएगी।

गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा में कहा ‘राज्यों से कहा जा चुका है कि रोहिंग्या को कोई भी लीगल दस्तावेज नहीं दिया जाए, यह बात पहले ही गृह मंत्री सदन के भीतर कह चुके हैं।’ रिजिजू ने कहा कि पूर्वोत्तर से रोहिंग्या यहां नहीं आए और उनकी एंट्री नहीं हो सकी क्योंकि सरकार काफी सख्त रही। उन्होंने कहा कि वह अवैध गतिविधियों जुड़े हैं लेकिन उसकी विस्तृत जानकारी यहां देना उचित नहीं है।

Kiren Rijiju

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा में रोहिंग्या शरणार्थी और प्रवासियों को मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पहले लोगों को वोटिंग अधिकार दिया गया और अब छीना जा रहा है

राज्यसभा में पटल पर रखे जा रहे हैं दस्तावेज

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू

टीएमसी सांसद सौगत राय ने एनआरसी असम के मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

आरजेडी सांसद जेपी यादव ने पटना के नालंदा मेडकिल कॉलेज में जलभराव के मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तेलुगू देशम पार्टी, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और जनता दल-सेक्युलर के सदस्यों ने असम में एनआरसी के मुद्दे पर विरोध जताते हुए संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया।