राम मंदिर पर खुलकर बोले सद्गुरु, बताया मंदिर बनाने का तरीका,सबरीमाला पर भी रखी राय

दुनियाभर में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने राम मंदिर निर्माण पर अपनी राय रखते हुए खुलकर कहा कि वहां मंदिर ही बनना चाहिए। उन्होंने इकनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुस्लिमों को जमीन का थोड़ा अतिरिक्त हिस्सा दे सकते हैं, लेकिन राम मंदिर का निर्माण होना ही चाहिए।

Avatar Written by: February 7, 2019 2:39 pm

नई दिल्ली। दुनियाभर में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने राम मंदिर निर्माण पर अपनी राय रखते हुए खुलकर कहा कि वहां मंदिर ही बनना चाहिए। उन्होंने इकनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुस्लिमों को जमीन का थोड़ा अतिरिक्त हिस्सा दे सकते हैं, लेकिन राम मंदिर का निर्माण होना ही चाहिए।


सद्गुरु ने कहा कि राम मंदिर हिंदू आस्था और संवेदना से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही विचित्र है कि कोर्ट यह तय करेगा कि वहां राम का जन्म हुआ था या नहीं। एएसआई का भी कहना है कि वहां एक मंदिर ही था। अब कोर्ट का कहना है कि यह जमीन से जुड़ा मामला है। जो भी है, लेकिन जल्द से जल्द यह सेटल होना चाहिए।

सद्गुरु ने कहा कि राम मंदिर कभी चुनाव का मुद्दा नहीं था, कोर्ट को इसे तय करना है और कोर्ट इसे जल्द से जल्द तय कर दे। वहां मंदिर बना दो और खत्म करो। वहां पूरी जमीन में से सिर्फ 2.7 एकड़ ही विवादित जमीन है। अगर इसका एक तिहाई हिस्सा मुस्लिमों का है तो आदर्श स्थिति है कि मुस्लिमों को 2.7 एकड़ जमीन में जितना हिस्सा बनता है उससे अधिक हिस्सा गैर-विवादित जमीन में से मिलना चाहिए। क्या हमारे यहां भूमि विवाद ऐसे ही नहीं सुलझाए जाते हैं?

जग्गी वासुदेव ने कहा कि हिंदुओं के लिए इस जमीन के साथ भावनाएं जुड़ी हैं क्योंकि उनकी मान्यता है कि राम लला ने वहीं जन्म लिया था। मुस्लिमों के साथ इस तरह की कोई भावना नहीं जुड़ी हुई। कोर्ट को चुनाव से पहले ही इस पर फैसला देना चाहिए।

सबरीमाला मुद्दे पर आप क्या सोचते हैं?

सबरीमाला मुद्दा कोई लैंगिक भेदभाव का मामला नहीं है। हमारे यहां देवियों के कहीं अधिक मंदिर हैं। मंदिर कोई प्रार्थना की जगह नहीं होती है, यहां पर आप सिर्फ दर्शन के लिए आते हैं। सबरीमाला अकाल ब्रह्मचारी का स्थान है। यह उनका निजी स्थान है… उनका शयनकक्ष। आप वहां क्यों जाना चाहती हैं? कोर्ट को यह नहीं तय करना चाहिए कि एक मंदिर के अंदर क्या हो या क्या नहीं हो।

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