नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लें: नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे नरेंद्र मोदी को 2019 में फिर से प्रधानमंत्री बनाने की ठान लें। उन्होंने कहा कि बीजेपी पूरी प्रतिबद्धता से नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम करेगी।

Written by: January 20, 2019 10:27 am

नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि मार्च 2020 तक गंगा शत प्रतिशत साफ हो जाएगी। गडकरी ने यहां भाजपा की अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा की एक सभा को संबोधित करते हुए यह कहा।nitin gadkari

उन्होंने कहा, गंगा साफ होनी शुरू हो गई है। इस साल मार्च तक 30-40 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा और अगले साल मार्च तक गंगा शत प्रतिशत साफ हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा की सफाई के लिए किए गए कार्य का रिकार्ड वह जिलावार, राज्यवार और परियोजनावार दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि न सिर्फ गंगा बल्कि हम इसकी 40 सहायक नदियों की भी सफाई करने पर काम कर रहे हैं। यमुना की सफाई के लिए 800 करोड़ रुपये की परियोजनाएं जारी हैं। गडकरी ने कहा कि गंगा की अविरलता के लिए उसमें 20 फीसदी अधिक जल छोड़ा गया है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे नरेंद्र मोदी को 2019 में फिर से प्रधानमंत्री बनाने की ठान लें। उन्होंने कहा कि बीजेपी पूरी प्रतिबद्धता से नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम करेगी।

गडकरी ने आगे कहा कि यह भाजपा की ताकत है जिसने विपक्षी दलों को एकजुट होने के लिए विवश किया है। गडकरी ने कहा, ‘मैं आपसे कहना चाहता हूं कि आप पूर्ण निश्चय और ताकत के साथ काम करने का संकल्प लें ताकि आगामी चुनाव में हम एक बार फिर पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनाएं और पिछड़ा वर्गों के साथ न्याय करने तथा भारत को समृद्ध, प्रगतिशील और शक्तिशाली बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाएं।’

पिछले कुछ समय से कयास लगाए जा रहे थे कि 2019 के लोकसभा चुनाव में गडकरी भी बीजेपी का चेहरा हो सकते हैं। ऐसे में गडकरी का ये बयान काफी अहम माना जा रहा है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री ने बीते दिनों कहा था कि नेतृत्व को हार की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। गडकरी के इस बयान को तीन राज्यों में बीजेपी की हार से जोड़कर देखा जाने लगा था।

उन्होंने कहा था, ”सफलता के कई दावेदार होते हैं, लेकिन असफलता अनाथ होती है। सफलता की स्थिति में कई लोग क्रेडिट लेने के लिए दौड़ में शामिल हो जाते हैं। लेकिन असफलता के दौर में सब एक-दूसरे पर उंगली उठाना शुरू कर देते हैं।” इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।