कांग्रेस पर मोदी का हमला, कहा ईश्वर आपको इतनी शक्ति दे कि 2024 में फिर से अविश्वास प्रस्ताव ले आएं

Written by: July 20, 2018 10:45 pm

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोल रहे थे। इस मामले पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से देश को जानने को मिला है कि देश में किस प्रकार विकास के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है और नाकारात्मक राजनीति ने कुछ लोगों को घेर करके रखा है। पीएम मोदी ने कहा, संसद में बहुमत नहीं फिर भी अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया गया है।

इसके साथ हीं राहुल गांधी के उस सवाल पर जवाब देते हुए कहा जिसमें राहुल ने कहा था जब मैं बोलूंगा तो पीएम मोदी खड़ा नहीं रह पाएंगे। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मैं यहां खड़ा भी हूं और जो चार साल काम करें है उसपे अड़ा भी हूं। मोदी ने आगे कहा राहुल गांधी को पीएम पद की कुर्सी की जल्दी है और इसी के लिए इस प्रस्ताव के बहाने अपने कुनबे को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।Rahul Gandhi loksabha

मोदी ने आगे कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि अपना कुनबा कहीं बिखर ना जाए कांग्रेस पार्टी को इसकी चिंता है और अविश्वास प्रस्ताव इसका ही सबूत है। मोदी ने आगे कहा कि न मांझी, न रहबर, न हक़ में हवाएं है किश्ती भी जर्जर, ये कैसा सफर है।

मोदी ने आगे राहुल के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें राहुल ने कहा था कि मोदी जी मेरी आंख में आंख नहीं डाल सकते। इस पर मोदी ने करारा हमला करते हुए कहा आप नामदार हैं और हम कामदार, हम आपकी आंख में आंख डालने की हिम्मत नहीं कर सकते। हम कौन होते हैं जो आपकी आंख में आंख डाल सकें। एक गरीब मां का बेटा, पिछड़ा हुआ कैसे आपकी आंख में आंख डाल सकता है। इतिहास गवाह है सुभाषचंद्र बोस, मोरारजी देसाई, जे.पी के साथ कांग्रेस ने क्या किया। चौधरी चरण सिंह उनके साथ क्या किया। सरदार पटेल के साथ क्या किया। प्रणब मुखर्जी ने आंख में आंख डालने की कोशिश की तो क्या किया। शरद पवार ने आंख में आंख डाली तो क्या किया आपने। हम तो कामगार है नामदार के साथ आंख में आंख कैसे डाल सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आंखों की बात करने वालों की आंखों की हरकतों को आज देश ने पूरे टीवी पर देख लिया। कैसे आंख खोली जा रही है, कैसे बंद की जा रही है? सत्य को आज बार-बार कुचला गया। यहां कहा गया कि कांग्रेस ही जीएसटी को लाई। अपने परिवार के इतिहास के बाहर भी तो कांग्रेस और उसकी सरकारों का इतिहास है। जब यूपीए सरकार थी, तब पेट्रोलियम को बाहर रखने का निर्णय आपने किया था।’Rahul Gandhi winks after speech in loksabha

उन्होंने कहा, मोदी हटाओ, ये नारा है। मैं हैरान हूं, अभी तो चर्चा प्रारंभ हुई थी, मतदान नहीं हुआ था, जय-पराजय का फैसला नहीं हुआ था, फिर भी इन्हें यहां पहुंचने का उत्साह था- उठो! उठो! उठो! न यहां कोई उठा सकता है, न बैठा सकता है। सवा सौ करोड़ देशवासी ही उठा सकते हैं। लोकतंत्र में जनता पर भरोसा होना चाहिए। इतनी जल्दबाजी क्या है? हम खड़े होंगे तो प्रधानमंत्री पंद्रह मिनट तक खड़े नहीं हो पाएंगे। मैं खड़ा भी हूं और चार साल जो काम किए हैं, उस पर अड़ा भी हूं।

आगे राहुल के भागीदार वाले बयान पर भी राहुल गांधी को पीएम मोदी ने जमकर घेरा और कहा आज यहां ये भी बात कही गई कि आप चौकीदार नहीं भागीदार हैं। माननीय अध्यक्ष महोदय मैं गर्व से कहता हूं मैं चौंकीदार भी हूं भागीदार भी हूं, लेकिन सौदागर नहीं हूं। कांग्रेस का एक ही मंत्र है- या तो हम रहेंगे और अगर हम नहीं हुए तो फिर देश में अस्थिरता रहेगी। अफवाएं उड़ाई जाती हैं। झूठ फैलाया जाता है और आरक्षण खत्म हो जाएगा दलितों पर अत्याचार में झोंकने का काम किया जा रहा है। हम देश के मजदूरों के दुखों के भागीदार है, किसानों की पीड़ा के भागीदार हैं और हमें इसपर गर्व है। हम आपकी तरह सौदागर या ठेकेदार नहीं हैं, हम देश के गरीबों के, युवाओं के, आकांक्षी जिलों के सपनों के भागीदार हैं।

मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का साथ मतलब हम तो डूबेंगे सनम तुमको भी ले डूबेंगे, कांग्रेस का साथ मतलब बाकी दलों का भी डूबना तय। कांग्रेस जमीन से कट चुकी पार्टी है। इस दुर्गति के लिए कांग्रेस खुद जिम्मेदार। उन्होंने कहा ये लोगों देश के कमजोर , वंचितों, दलितों को ब्लैकमेल करके चुनाव जीतते रहे, किसानों को चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इनकी एक ही सोच है हम सरकार में रहेंगे, नहीं रहेंगे तो देश को स्थिर नहीं रहने देंगे।

मोदी ने आगे कहा अपने आप को बहुत बड़ा विद्वान मानने वाले एक व्यक्ति ने यह बात कही थी कि कांग्रेस पार्टी अलग-अलग राज्यों में क्यों और कैसे कमजोर हो गई, मैं एक ऐसे राज्य से आता हूं, जहां इस पार्टी का प्रभुत्व समाप्त हो गया है। क्यों? कांग्रेस इस बात को समझ नहीं पाई कि सत्ता अब उच्च वर्ग, साधन संपन्न वर्ग से निकलकर गांव-देहात के लोगों और सोशल ऑर्डर में सबसे नीचे मौजूद, जिनके पास आमदनी नहीं, जिनकी आवाज सुनी नहीं गई, उन तक पहुंची है। जैसे-जैसे पावर नीचे की तरफ चलती गई, वैसे-वैसे अनेक राज्यों में कांग्रेस का प्रभाव खत्म हो गया। ये कोट 1997 का है। ये अर्थ और अनर्थ में उलझे आपके श्रीमान चिदंबरमजी का वाक्य है। कुछ विद्वानों को शायद यह बात समझ नहीं आई होगी।

प्रधानमंत्री ने टीडीपी पर हमला बोलते हुए कहा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं एक पैकेज को स्वीकार करते हुए वित्त मंत्री का धन्यवाद दिया था। हम हर कमिटमेंट को पूरा करना चाहते थे। लेकिन, तेदेपा ने अपनी विफलता छुपाने के लिए एनडीए छोड़ने का फैसला किया। मैंने उस वक्त खुद चंद्रबाबू नायडू को फोन किया था। मैंने उनसे कहा था कि आप वाईएसआर के जाल में फंस रहे हो। आप वहां की स्पर्धा में किसी हालत में बच नहीं पाओगे। झगड़ा वहां का है, उपयोग सदन का हो रहा है। आंध्र की जनता भी इस अवसरवादिता को देख रही है। कोई भी विशेष पैकेज देते हैं तो उसका प्रभाव दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ता है। इसी सदन में तीन साल पहले वीरप्पा मोइली ने कहा था कि आप इस तरह कैसे असामनता दो राज्यों के बीच ला सकते हैं?

मोदी ने आगे कहा कि देश में 30 साल बाद पूर्ण बहुमत की सरकार आई है। विपक्ष के पास सदन में बहुमत नहीं है लेकिन सरकार को गिराने का उतावलापन है। पीएम मोदी ने संसद में शायरी के माध्यम से विपक्ष पर हमला बोला कि ‘मांझी ना रहबर ना हक में हवाएं…है कश्ती भी जर जर ये कैसा सफर।’

मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा लोकतंत्र में जनता जनार्दन होती है और बीजेपी की सरकार को देश का समर्थन, बहुमत मिला है। इसको विपक्ष नजरंदाज करने की कोशिश कर रहा है। बिना वोटबैंक की राजनीति किए हम सबका साथ, सबका विकास की विचारधारा लेकर चलते हैं। विपक्ष अपने स्वार्थ के लिए देश पर अविश्वास न करे। सरकार को 125 करोड़ लोगों का आशीर्वाद हासिल है।

मोदी ने आगे कहा सबका साथ सबका विकास इसी मंत्र को लेकर हम काम करने वाली सरकार हैं। जिसकी वजह से 18 हजार गांवों में बिजली पहुंची। ये काम पहले भी सरकारें कर सकती थीं लेकिन अध्यक्ष महोदया इन 18 हजार गांवों में 15 हजार गांव पूर्वी भारत के और 5 हजार गांव पूरी तरह नॉर्थ-ईस्ट के हैं। इन इलाकों में हमारे गरीब, आदिवासी रहते हैं। ये लोग काम क्यों नहीं करते थे क्योंकि इनका इसपर विश्वास नहीं था।

मोदी ने आगे कहा उज्जवला योजना से 4.5 करोड़ मताओं-बहनों को धुंआ मुक्त और विश्वास जगाने का काम हमने किया है। ये वो लोग थे जो 9 या 12 सिलेंडर में ही खोए हुए थे। बीते दो सालों में 5 करोड़ देशवासी 20 साल गरीबी से बाहर आए। वहीं हम किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने पर कदम उठा रहे हैं। इनको इस पर भी कोई विश्वास नहीं है। 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करके 99 सिंचाई योजनाओं को पूरा करने का हम काम कर रहे हैं, लेकिन इनका इस पर कोई विश्वास नहीं है।

मोदी ने आगे कहा एलईडी बल्ब, क्या कारण है कि इनके कार्यकाल में यह बल्ब 450-500 में बिकता था। अब 45 रुपए में एलईडी बल्ब मिलता है। मोबाइल बनाने वाली कंपनियां दो थी आज मोबाइल बनाने वाली 120 कंपनियां हैं। इनका विश्वास काम नहीं कर रहा है। आज 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप हमारे युवा चला रहे हैं। जब हम डिजिटल लेनदेन की बात करने तो इन्होंने इसका भी विरोध किया था। जो लोग इस प्रकार से जनता की ताकत को कम आंकते थे। उनको जनता ने करारा जवाब दिया है। एक महीने में 41 करोड़ रुपए का लेनदेन देश की जनता ने किया है।

मोदी ने आगे कहा 5 मिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की तरफ देश बढ़ गया है। मैं जानता हूं इसके कारण कैसे-कैसे लोगों को परेशानी हो रही है। हमने टेक्नोलॉजी का उपयोग किया और सरकारी खजाने से निकले रुपए रोकने का काम हमने किया है। अबतक 4-4.5 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति बेनामी संपत्ति के रूप में जब्त कर ली गई है। जो खुद पर विश्वास नहीं कर सकते वो हम विश्वास क्या करेंगे। मोदी ने आगे कहा कांग्रेस को खुदपर अविश्वास है। ये लोग अविश्वास से घिरे हुए हैं। उनको विश्वास नहीं है- स्वच्छ भारत, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, मुख्य न्यायधीश, आरबीआई उस पर भी कांग्रेस को विश्वास नहीं है।

मोदी ने शिवभक्ती पर कांग्रेस के द्वारा किए गए कमेंट पर भी उन्हें घोरते हुए कहा कि जब भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार होने लगा तो उनको परेशानी होनी स्वभाविक थी। जब कोर्ट कचहरी में उन्हें भी पेश होना पड़ा तो उन्हें भी तकलीफ होने लगी। आजकल शिव भक्ति की बातें हो रही हैं। मैं भी भगवान शिव की प्रार्थना करता हूं। आपको इतनी शक्ति दें कि 2024 में आप फिर से अविश्वास प्रस्ताव दे आएं। मेरी आपको शुभकामनाएं।

मोदी ने आगे कहा यहां पर राफेल विवाद को छेड़ा गया। मैं कल्पना नहीं कर सकता कि सत्य को इस प्रकार से रौंदा जाता है। बार-बार चीख कर आप देश को गुमराह करने का काम कर रहे हो। ये देश कभी ऐसे लोगों को माफ नहीं करेगा। यह दुखद है कि इस सदन में लगाए गए आरोप पर दोनों देश को खंडन करना पड़ा। ऐसी बचकाना हरकत हम करते रहेंगे क्या? देश की जनता भली-भांति जानती है कि अब सुधरने का मौका है कि राजनीति का स्तर देशहित में नहीं है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ये समझौता दो जिम्मेवार सरकारों के बीच में हुआ और पूरी पारदर्शिता के बीच हुआ है।

मोदी ने आगे कहा कि आपको गालियां देनी है मोदी मौजूद है जो देश के जवान मर मिटने के लिए निकले हैं उन्हें गाली देने का आपको कोई अधिकार नहीं है। मोदी ने आगे कहा कि मैं इस सदन को याद कराना चाहता हूं।1999 में राष्ट्रपति भवन के सामने खड़े होकर दावा किया गया था कि हमारे पास 272 की संख्या है। अटल जी की सरकार को सिर्फ एक वोट से गिरा दिया, लेकिन खुद जो वादा किया था वो खोखला निकला। आप देखिए चौधरी चरण सिंह, एक किसान का इससे ज्यादा अपमान क्या हो सकता है। चंद्रशेखर जी का इसी प्रकार अपमान किया गया। पहले संयोग की रस्सी फेंको और फिर उसे धोखे से वापस खींच लो। पहले देवगौड़ा जी को अपमानित किया गया और फिर इंद्र कुमार गुजराल जी की बारी आई। कौन भूल सकता है कि कांग्रेस ने इनके साथ क्या किया। इसके बाद मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज फिर से स्थिर जनादेश को अस्थिर करने के प्रयास कर रही है।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आगे क्या कहा

बार-बार बाबा साहेब की राजनीति का मजाक उड़ाने वाले लोग आज उनके गुण गाने लगे हैं। हमें लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की बात करते हैं जो लोग जो मुख्यमंत्री पसंद नहीं आता था उसे हटाने का काम कांग्रेस ने शुरू कर दिया था।

जिनके अंदर इतना अहंकार भरा है ये लोग हमें कैसे स्वीकार कर सकते हैं। कांग्रेस जमीन से कट चुकी है। ये खुद तो डूब रही है साथ में सबको लेकर डूब रही है।

18 साल पहले अटली जी की सरकार ने तीन राज्यों का गठन किया- उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़. तीनों राज्य शांति से प्रगति कर रहे हैं लेकिन राजनीतिक लाभ पाने के लिए आपने आंध्र और तेलंगाना का गठन किया। उस समय मैंने कहा था तेलुगू हमारी मां है।

आपने भारत-पाकिस्तान का विभाजन किया। आज भी यही मुसीबत झेल रहे हैं। चंद्रबाबू का और हमारे तेलंगाना का सीएम का केसीआर का बंटवारे को लेकर झगड़ा चल रहा था। संसाधनों का विभाजन आज भी चल रहा है।

2008 की बात है। कांग्रेस को लगा कि जितना बैंक खाली करना है, करो। जब आदत लग गई तो बैंकों का अंडरग्राउंड लूट 2014 तक चलती रही। इनके सत्ता में रहने तक बैंकों को लूटने का खेल चलता रहा। एक आंकड़ा सदन के लोगों को भी चौंका देगा। आजादी के 60 साल में देश के बैंकों ने लोन के रूप में जो राशि दी थी, वह 18 लाख करोड़ रुपए थी। लेकिन 2008 से 2014 के बीच छह साल में यह राशि 18 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपए हो गई। 60 साल में 18 लाख करोड़ रुपए, छह साल में 52 लाख करोड़ रुपए।

एनपीए का जंजाल यूपीए के कारण हुआ। मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस के लोग इतने बुद्धिमान हैं कि उन्होंने नेट बैंकिंग से पहले फोन बैंकिंग के जरिए उन्होंने अपने चहेतों के लिए हजारों करोड़ रुपए लुटा दिए। कागज नहीं देखे। फोन पर लोन दे दिए। लोन पर नए लोन देते गए। ये एनपीए का जंजाल एक तरह से भारत की बैंकिंग व्यवस्था के लिए लैंडमाइन की तरह बिछाया गया। एनपीए की सही स्थिति जानने के लिए हमने मैकेनिज्म शुरू किया। आपको जानकर हैरानी होगी कि कैपिटल गुड्स का इम्पोर्ट कस्टम ड्यूटी कम कर इतना बढ़ाया गया कि देश के आयात के समतुल्य हो गया।’’ ‘‘50 करोड़ रुपए से ज्यादा के सभी डिफॉल्टर्स की अब पहचान की गई है। 2.10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बैंकों के दोबारा पूंजीकरण के लिए दी जा रही है।’’

वन रैंक वन पेंशन को इतने सालों कर किसने लटकाया, जीएसटी को इतने वक्त तक किसने लटकाया। मैंने सीएम रहते हुए जीसएटी में राज्यों के हिस्से के मुद्दे को उठाया।

बैंकिंग सिस्टम में सुधार के लिए एनडीए ने नीतिगत फैसले लिए। इन फैसलों से आगे देश की अर्थव्यवस्था को फैयदा होगा। 12 बड़े केस में देश की 3 लाख करोड़ की राशि फंसी हुई है।