अधिकारियों का दावा मेहुल चौकसी भागकर एंटीगुआ पहुंचा

Avatar Written by: July 24, 2018 8:24 pm

नई दिल्ली। भगोड़ा आभूषण कारोबारी मेहुल चौकसी अमेरिका से भागकर कैरिबियाई देश एंटीगुआ पहुंच गया है। सरकार के सूत्रों ने यह मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक इंटरपोल की ओर से जारी नोटिस के जवाब में एंटीगुआ के अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बताया है कि चौकसी इस महीने उनके यहां पहुंचा।

Gitanjali group owner Mehul Choksi

एंटीगुआ के अधिकारियों ने यह भी बताया कि चौकसी के पास उनके देश का पासपोर्ट है। देश के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड का खुलासा होने के कुछ सप्ताह बाद, जनवरी के पहले सप्ताह में चौकसी देश छोड़कर भाग गया। पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े करीब 13,000 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी के दो मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चौकसी और उसके रिश्तेदार नीरव मोदी के खिलाफ केस दर्ज किए हैं।

mehul choksi and neerav modi

मुंबई की एक विशेष अदालत ने चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। सीबीआई इस वारंट को आधार बनाते हुए चौकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस (आसीएन) जारी कराने के लिए इंटरपोल के पास गई लेकिन चोकसी के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस होने की प्रक्रिया अभी चल रही है।

mehul choksi and nirav modi

इंटरपोल ने घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसके भाई निशाल के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है लेकिन चौकसी के खिलाफ आरसीएन जारी करने का अनुरोध वैश्विक पुलिस एजेंसी के पास लंबित है। रेड कार्नर नोटिस हो जाने का मतलब यह होगा कि इंटरपोल चौकसी को गिरफ्तार कर उसे भारत को प्रत्यर्पित कर सकेगी।

मेहुल चौकसी को सता रहा मॉब लिंचिंग का डर

पंजाब नैशनल बैंक में 14 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी और गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी ने भारत में कानून के कटघरे से बचने के लिए अब नया पैंतरा चला है। चौकसी ने मॉब लिंचिंग की आशंका जाहिर करते हुए स्पेशल कोर्ट से अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वॉरंट को रद्द करने की मांग की है। स्पेशल कोर्ट में दायर याचिका में चौकसी ने भारत वापसी पर अपने पूर्व कर्मचारियों, कर्जदाताओं के अलावा जेल स्टाफ और अन्य कैदियों से जान को खतरा बताया है। याचिका में कहा गया है, ‘याची के लिए कंपनी का संचालन असंभव हो गया है। कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला और कर्जदाताओं को पैसे वापस नहीं मिले, ये सभी लोग याची के खिलाफ आक्रोशित हैं और इसलिए जान का खतरा पैदा हो गया है।’

Punjab National Bank

आगे कहा गया है, ‘भारत में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल के समय में आम जनता सड़क पर ही न्याय करने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही है। आवेदक को भी इसी तरह का खतरा है। कई लोग आवेदक से नाराज हैं।’ अपील में कहा गया है कि चौकसी ने कभी जांच से दूरी नहीं बनाई है। जांच एजेंसियों ने उससे जो भी पूछा है उसका जवाब दिया है।’ यह भी लिखा गया है कि यदि चौकसी को भारत लाए जाने पर जेल में रखा जाता है तो जेल स्टाफ से भी खतरा रहेगा। अपील में कहा गया है कि अपने खराब स्वास्थ्य, पासपोर्ट रद्द होने और जान पर खतरे की वजह जैसी परिस्थितियों की वजह से चौकसी भारत नहीं जा रहा है।