भारत के PM और राष्ट्रपति अब बैठेंगे इस विमान में, दुनिया के चुनिंदा नेताओं के पास ही है ये तकनीक

भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अब ऐसे अत्याधुनिक और हाइटेक विमानों में विदेश यात्रा कर पाएंगे जिनको दुश्मन छू भी नहीं पाएगा। दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए दो बोइंग 777 विमान को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि उसपर मिसाइल हमले करना असंभव होगा।

Avatar Written by: February 8, 2019 9:20 am

नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अब ऐसे अत्याधुनिक और हाइटेक विमानों में विदेश यात्रा कर पाएंगे जिनको दुश्मन छू भी नहीं पाएगा। दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए दो बोइंग 777 विमान को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि उसपर मिसाइल हमले करना असंभव होगा।

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होने वाले एयर फोर्स वन की तर्ज पर ये विमान लार्ज एयरक्राफ्ट इन्फ्ररेड काउन्टर्मेशर यानी ऐसी तकनीक जिससे इन विमानों पर मिसाइलों से हमला संभव नहीं होगा, से लैस होंगे। इसके अलावा इन विमानों में सेल्फ प्रटेक्शन स्वीट भी होगा।

बताया जा रहा है कि इन दो विमानों की अनुमानित लागत करीब 1300 करोड़ रुपये होगी। इन विमानों को ‘एयर इंडिया वन’ या ‘इंडियन एयर फोर्स वन’ का नाम दिया जा सकता है।

इन दो बोइंग 777 विमानों को दुनियाभर के अडवांस्ड सिक्यॉरिटी सिस्टम जैसे- मिसाइल वॉर्निंग, काउंटर मेजर डिस्पेंसिंग सिस्टम और इनक्रिप्टेड सैटलाइट कम्यूनिकेशन जैसी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अगर इन विमानों में प्राइवेट आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है तो ये भी अमेरिकी राष्ट्रपति के चर्चित ‘फ्लाइंग ओवल ऑफिस’ जैसे ही हाइटेक होंगे।

भारत के अनुरोध पर अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने दो बोइंग 777 विमानों की विदेशी मिलिटरी सेल को मंजूरी दे दी है। इन दोनों को खरीदने के लिए भारत को लगभग 1300 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।

कौन-कौन करता है इस्तेमाल

अमेरिकी नेवी के अलावा, इस तकनीक का इस्तेमाल कई राष्ट्राध्यक्षों द्वारा किया जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति का ‘एयर फोर्स वन’ LAIRCM और डिफेंस सिस्टम का मिश्रण है। 2008 में ऑस्ट्रेलिया ने LAIRCM सिस्टम को अपने C-130J के लिए खरीदा था। इजरायल के पास अपना डिफेंस सिस्टम है, जो वह अपने राष्ट्राध्यक्ष और यात्री विमानों में इस्तेमाल करता है। फ्रांस के राष्ट्रपति का एयरक्राफ्ट कथित तौर पर इजरायली सिस्टम से लैस है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विमान रूसी डिफेंस सिस्टम से लैस है।