नवजोत सिंह सिद्धू ने करतारपुर के लिए की ये मांग, पीएम मोदी और इमरान खान को लिखे खत

पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को खत लिखा है। सिद्धू ने अपने खत में दोनों ही सरकारों से करतारपुर साहिब और डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उपाय सुझाए हैं।

Written by: January 21, 2019 11:15 am

नई दिल्ली। पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को खत लिखा है। सिद्धू ने अपने खत में दोनों ही सरकारों से करतारपुर साहिब और डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए उपाय सुझाए हैं। रविवार को नवजोत सिद्धू ने दो पत्र लिखे, एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और दूसरा पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को। सिद्धू ने इन खतों में प्रधानमंत्रियों को पांच सुझाव दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि इस कॉरिडोर की ‘पवित्रता’ को बनाए रखने के लिए कॉन्क्रीट का कोई निर्माण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘करतारपुर साहिब और डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा साहिब की पवित्रता और शुद्धता हमारे तीर्थयात्रियों के कदमों का इंतजार करती है। लेकिन हमारे कदमों से इनके इतिहास, वास्तुकला और पारिस्थितिकी में क्षरण भी होता है। हम इस पवित्र भूमि का सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं, तो हमें यह रास्ता आराम से बनाना चाहिए ताकि व्यावसायीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के नाम पर इसको खराब न किया जा सके।’

उन्होंने दोनों नेताओं से मांग की है कि इस पवित्र भूमि की रक्षा हो और तीर्थयात्रियों के लगातार प्रवाह के बीच टिकाऊ और ऑर्गनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाए, जैसे पानी का टिकाऊ इस्तेमाल। उन्होंने सुझाव दिया है कि तीर्थयात्रियों की ‘आवाजाही’ पर नियंत्रण हो और इस कॉरिडोर में गाड़ियों को चलने से रोका जाए, लोग पैदल ही जाएं और सिर्फ बुजुर्गों को वाहन इस्तेमाल करने की इजाजत हो।

Navjot Singh Sidhu

इसके साथ ही सिद्धू ने अपने खत में लिखा है, ‘हमें मुख्यत: पैदल ही जाना चाहिए, सिर्फ बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग लोगों को छूट मिलनी चाहिए। रास्ते में टॉयलट जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। किसी भी कीमत पर लोगों को निजी वाहन ले जाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। वॉशरूम जैसी सुविधाएं देने के साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ‘कचरा निस्तारण’ की व्यवस्था कायदे से लागू करना सुनिश्चित हो।’ उन्होंने जोरदार तरीके से यह मांग की है कि प्लास्टिक बैग, बोतल, स्टीरोफोम, डिब्बाबंद खानपान के इस्तेमाल पर बिल्कुल रोक हो और तीर्थयात्रियों के लिए जगह-जगह लंगर की व्यवस्था हो।

सिद्धू ने अपने खत में लिखा, ‘कचरा निस्तारण की व्यवस्था सावधानीपूर्वक तैयार कर लागू की जानी चाहिए। प्लास्टिक बैग, बोतल, पैकेज्ड फूड के कूड़े-कचरे के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।’

क्या है करतारपुर साहिब और क्या है इसकी अहमियत

करतारपुर साहिब वो जगह है, जहां 1539 ईं. में सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव के निधन के बाद पवित्र गुरुद्वारे का निर्माण करवाया गया था। इस जगह की अहमियत इसलिए है क्योंकि यहां गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल बिताए थे।

पाकिस्तान ने गुरु नानक की 549वीं जयंती के अवसर पर नवंबर में 3800 सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया था। करतारपुर कॉरिडोर बन जाने के बाद अब लाखों सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर में मत्था टेक सकेंगे।