सर्वोच्च न्यायालय ने कार्यवाही के सीधे प्रसारण की इजाजत दी

Written by: September 26, 2018 3:55 pm

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अपनी कार्यवाही के सीधे प्रसारण की याचिका का समर्थन किया है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने इस सिलसिले में दायर याचिकाओं पर सहमति जताते हुए कार्यवाही के सीधे प्रसारण के लिए नियम तैयार करने का निर्देश दिया।

इसकी शुरुआत प्रधान न्यायाधीश अदालत की कार्यवाही के प्रसारण से शुरू होगी। न्यायमूर्ति खानविलकर ने यह फैसला सुनाया। इसमें प्रधान न्यायाधीश का फैसला भी शामिल था। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने अलग फैसला सुनाया लेकिन वो भी प्रसारण के पक्ष में रहे। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को दूसरे से मिली जानकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही इससे कानूनी शिक्षा को प्रोत्साहन और प्रणाली को लोगों के सामने लाया जा सकेगा।

Deepak Mishra, CJI

बता दें कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एम एम खानविल्कर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने 24 अगस्त को इस मुद्दे पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। बेंच का कहना है कि वह अदालतों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए खुली अदालत यानी ओपन कोर्ट की परिकल्पना को लागू करना चाहती है। केंद्र की ओर से पेश पक्ष रख रहे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक अहमियत रखने वाले मुद्दों पर सुनवाई की कार्यवाहियों पर लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा सकता है।

deepak mishra

केंद्र भी इसके पहले कह चुका है कि संवैधानिक मामलों की कोर्ट की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग ट्रायल बेस पर करवाई जा सकती है।

तो वहीं कोर्ट में मौजूद एक वकील ने सीधे प्रसारण के सुझाव का विरोध करते हुए कहा कि इसका न्याय प्रशासन पर असर पड़ेगा। आधार और अयोध्या जैसे संवेदनशील मामलों में जजों के अवलोकन और वीडियो क्लिप का इस्तेमाल कर फर्जी खबरों को बढ़ावा मिलने का खतरा होगा। हालांकि कोर्ट ने उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया।