जनाक्रोश रैली: मुलायम सिंह के साथ मंच पर बहू अपर्णा यादव, शिवपाल को बताया शेर…

Written by: December 9, 2018 10:00 am

नई दिल्ली। लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर मैदान में जनाक्रोश रैली कर रहे हैं शिवपाल सिंह यादव। जिनके मंच पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके बड़े भाई मुलायम सिंह यादव भी पहुंच गए हैं। मुलायम के मंच पर पहुंचते ही शिवपाल समर्थक जोश से भर गए। इसके साथ ही मुलायम के रैली में जाने को लेकर कयासों पर भी रोक लग गई।मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव ने जनाक्रोश रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि रैली में उमड़ा जनसैलाब उदाहरण है कि शेर को चोट नहीं देना चाहिए। लोहिया जी को चोट मिली तो जनसैलाब आया, नेता जी को चोट पहुंची तो तमाम पार्टियों को उखाड़ फेंका, अब चाचाजी को चोट पहुंची है आप समझ सकते हैं कि क्या होने वाला है। आज का जनसैलाब इसका प्रमाण है कि शेर को चोट नहीं देनी चाहिए।भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को विदेशी कंपनियों से बहुत प्रेम है। ऑनलाइन कंपनियों के आने से व्यापारियों को नुकसान हुआ है। जीएसटी को बिना जरूरत के लागू किया गया। उन्होंने कहा कि हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी। साथ ही अपर्णा यादव ने कहा कि मैं छोटी हूं लेकिन पूरा सहयोग करूंगी।बता दें कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के मंच पर मुलायम सिंह यादव, शिवपाल सिंह यादव, अपर्णा यादव, राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव, एमएलसी मधुकर जेटली, पूर्व मंत्री शादाब फातिमा, शारदा प्रताप और पूर्व विधायक राजेंद्र यादव मौजूद रहे।

हजार सवाल-एक जवाब शिवपाल के नारे

यूपी के जेहन में सवाल हैं और उम्मीद शिवपाल हैं, फिर थाम संघर्ष की मशाल, आपके लिए निकल पड़े शिवपाल, हजार सवाल-एक जवाब शिवपाल।बता दें कि इस तरह के नारे लिखे होर्डिंग्स से राजधानी पट चुकी है। आज समाजवादी सेकुलर मोर्चा के अध्यक्ष व प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की जो जनाक्रोश रैली है। उससे अलग मोर्चा और अलग पार्टी बनाने के बाद राजधानी लखनऊ में शिवपाल के पहले सियासी शो में भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। रैली के लिए रमाबाई अंबेडकर मैदान और आसपास का इलाका पार्टी के झंडों, बैनरों, होर्डिंग्स व पोस्टरों से सजाया गया है।शिवपाल सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी में उपेक्षा से क्षुब्ध होकर पहले समाजवादी सेकुलर मोर्चा और फिर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) बनाई। सभी 75 जिलों में संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया। फ्रंटल संगठनों को सक्रिय किया।

बता दें कि जनाक्रोश रैली के लिए शिवपाल के समर्थक प्रदेश के कोने-कोने से यहां पहुंच रहे हैं। कुछ बड़े नेता रैली स्थल पर ही पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं । शिवपाल कहते हैं कि प्रसपा (लोहिया) राजधानी में पहली रैली के जरिये इतिहास रचने जा रही है।