आधार कार्ड: वैधानिकता पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट सुनाएगी फैसला

Written by: September 25, 2018 8:40 am

नई दिल्ली। आधार कार्ड की वैधानिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अपना फैसला सुनाएगी। आधार की वैधानिकता को चुनौती देने वाली 27 याचिकाओं पर करीब चार महीने तक बहस चली थी। मैराथन बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मई में फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले की सुनवाई जनवरी में शुरू हुई थी, इसके बाद करीब 38 दिन तक इस मामले की सुनवाई चली।mobile link aadhar cardबता दें कि इस मामले को भी चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच सुन रही है। बेंच ने सुनवाई पूरी कर ली है। सरकार को इस दौरान यह भी फैसला करना है कि क्या आधार कार्ड प्रीवेसी के कानून का हनन है, जो संविधान के मुताबिक किसी भी नागरिक का आधारभूत अधिकार है। सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य किया था।

Deepak Mishra, CJI
Deepak Mishra

इसके अलावा बैंक अकाउंट खोलने, पैन कार्ड बनवाने, सेलफोन सर्विस, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य किया था। आधार कार्ड को पहचान और पते के प्रूफ के तौर पर मान्यता दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आधार कार्ड से आम जीवन प्रभावित हुआ है, ऐसे में इसे खत्म कर देना चाहिए।

Senior Congress leader Ghulam Nabi Azad
Senior Congress leader Ghulam Nabi Azad

तो वहीं जन याचिकाओं के उलट केंद्र सरकार ने आधार कार्ड के पक्ष में कई दलीलें दी हैं। मोदी सरकार अबतक कहती आई है कि ये पूरी तरह सुरक्षित है, और इसके डेटा को लेकर किसी तरह का खतरा नहीं है, तो वहीं कई साइबर एक्सपर्ट ये दावा कर चुके हैं, कि इसे भी हैक किया जा सकता है।

सरकार की सबसे बड़ी दलील है कि इसकी वजह से सब्सिडी के लाभार्थियों को बिना गड़बड़ी के फायदा मिलता है। आधार डेटा, सरकार और आधार अथॉरिटी का कहना है कि यह पूरी तरह सेफ है और इसके साथ धोखाधड़ी नहीं की जा सकती है।