यूएन में आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरने की सुषमा स्वराज की कूटनीतिक मुहिम कामयाब

Avatar Written by: September 26, 2017 3:49 pm

संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा करने वाले संबोधन को महज एक भाषण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यूएन के बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह भाषण दरअसल स्वराज की उस कूटनीतिक मुहिम का अहम हिस्सा था जो पाकिस्तान को दुनिया की नज़रों में आतंकी देश साबित करने को लेकर चल रही है।

यूएन में सुषमा ने दो टूक कहा था कि जहां भारत एक ओर इंजीनियर्स पैदा कर रहा है वहीं पाकिस्तान आतंकवादी, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तोइबा जैसे आतंकी संगठन पैदा कर रहा है। सुषमा ने अपनी कूटनीतिक मुहिम को तब और ज्यादा परवान चढ़ाया जब उन्होंने कह दिया कि पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद का शिकार सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि उसके सारे पड़ोसी मुल्क भी हैं।

यह एक ऐसा बयान था जिसकी कूटनीतिक अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है। पाकिस्तान को पड़ोसियों के बीच और विश्व बिरादरी के बीच अलग-थलग करने की कूटनीतिक मुहिम को लेकर यह सुषमा स्वराज का अहम बयान था। पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित कराने की दिशा में भारतीय विदेश मंत्री की तरफ से यह एक अहम कोशिश थी।

डोनाल्ड ट्रंप के कमान संभालने के बाद से अमेरिका ने पहले ही पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर जमकर दबाव बनाना जारी किया हुआ है। अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को पिछले दिनों झटके पर झटके मिले हैं। जापान से लेकर दक्षिण कोरिया जैसे मुल्कों ने भी पाकिस्तान को आतंकवाद पर कड़ा संदेश पहले ही दिया है।

यहां तक कि पाकिस्तान के सबसे करीबी मित्र चीन ने भी माना है कि पाक में आतंकवाद पनप रहा है जिसपर अंकुश लगाए जाने की जरूरत है। चीन ने तो हाल ही में कश्मीर मामले में भी पाक के मन वाली बात करने से इंकार कर दिया था। बीजिंग का सीधा बयान आया था कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है। कश्मीर मसले के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिश में जुटे रहने वाले पाकिस्तान को यह तगड़ा झटका था।

अब देखें कि सुषमा स्वराज की कूटनीतिक मुहिम कैसे रंग ला रही है। चीन के सरकारी तंत्र के मीडिया में माना गया है कि पाक में आतंकवाद है। वहीं अफगानिस्तान ने भी यूएन के मंच पर पाकिस्तान की जमकर क्लास ले ली। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद पर करारा प्रहार किया और इस्लामाबाद को इस पर काबू करने को कहा।

इसके बाद भारत के दौरे पर आए अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भी आतंकवाद पर पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि आतंक के ठिकाने नहीं चलने दिए जाएंगे। यानी आतंकवाद पर पाक को घेरने की दिशा में सुषमा स्वराज द्वारा यूएन में किए गए प्रबल प्रयास को समर्थन मिलना शुरू हो गया है। पड़ोसी मुल्कों की तरफ से अब लगातार पाक के खिलाफ इस तरह से बयान आने की पूरी उम्मीद है।

बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल तो पहले ही पाक में पैर जमाए आतंकी संगठनों को लेकर आपत्ति जताते रहे हैं। पिछले साल पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन का बहिष्कार करके इन मुल्कों ने अपनी भावना पहले ही जता दी थी। इस बार फिर सार्क सम्मेलन आयोजित नहीं होने देने का फैसला करके पाकिस्तान को अलग-थलग कर दिया गया है। संदेश यही है कि पहले पाकिस्तान आतंकवाद और आतंकी संगठन खत्म करने इसके बाद ही ऐसे सम्मेलनों का कोई अर्थ होगा।

कहा जाए तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को जिस तरह कठघरे में लाकर खड़ा किया है इसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच चल रही कूटनीतिक मुहिम को खासा बल मिला है। सुषमा स्वराज ने यह कह​कर दुनिया के तमाम मुल्कों के बीच एक प्रबल संदेश दे दिया था कि भारत गरीबी से लड़ रहा है और पाकिस्तान भारत से।

आने वाले दिनों में सुषमा स्वराज के नेतत्व में विदेश मंत्रालय की तरफ से ऐसी कई कोशिशें देखने को मिलेंगी जिनसे पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरा जाएगा। मिसाल के तौर पर यूएन में भारत की स्थायी प्रतिनिधियों ने स्वराज के इस प्रयास को लगातार आगे बढ़ाया है।