दावोस में बोले रघुराम राजन, ‘’देश में गठबंधन की सरकार विकास के लिए सही नहीं’’

दावोस में चल रही विशव आर्थिक मंच की बैठक में आरबीआई के पूर्व गवर्नर भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जल्द ही आकार के हिसाब से भारतीय अर्थव्यवस्था चीन को पीछे छोड़ देगा।

Written by: January 24, 2019 12:16 pm

नई दिल्ली। दावोस में चल रही विशव आर्थिक मंच की बैठक में आरबीआई के पूर्व गवर्नर भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि जल्द ही आकार के हिसाब से भारतीय अर्थव्यवस्था चीन को पीछे छोड़ देगा। इतना ही नहीं उन्होंने देश में गठबंधन की सरकार को विकास के लिए सही नहीं बताया।

रघुराम राजन ने कहा कि अगर 2019 लोकसभा चुनाव के बाद देश में गठबंधन की सरकार आती है तो यह सही नहीं होगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। दरअसल स्विट्जरलैंड के दावोस (DAVOS) में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान रघुराम ने जीएसटी और नोटबंदी से लेकर भी विचार साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस सरकार आने की स्थिति में खुद के वित्त मंत्री बनने की चर्चाओं को भी खारिज किया। रघुराम ने कहा कि मैं कोई राजनीतिज्ञ नहीं हूं, ये सब महज अटकलें हैं।

एक रणनीतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रघुराम राजन ने कहा कि चीन ने दक्षिण एशियाई देशों में बुनियादी ढांचे के सृजन का जो वादा किया है, भारत इसका सृजन करने के मामले में उससे बेहतर स्थिति में होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि ‘ऐतिहासिक रूप से क्षेत्र में भारत की बड़ी भूमिका रही है, लेकिन भारत की तुलना में चीन काफी आगे निकल चुका है, उसने क्षेत्र में भारत के मुकाबले अपने को खड़ा किया है।’ राजन की मानें तो भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है, जबकि चीन में रफ्तार धीमी पड़ रही है।

राजन ने कहा, ‘ मौजूदा हालात पर गौर करें तो भविष्य में चीन की रफ्तार धीमी पड़ेगी और भारत आगे बढ़ता जाएगा। ऐसे में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का सृजन करने के लिए भारत अधिक बेहतर स्थिति में होगा, जिसका वादा चीन आज कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा क्षेत्र के लिए अच्छी है और इससे निश्चित रूप से फायदा होगा।

रघुराम राजन का यह बयान इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि चीन क्षेत्र में नेपाल और पाकिस्तान सहित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रहा है।