आज के दिन मोदी सरकार ने ले लिया एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला जिसे आप कभी भूल नहीं पाएंगे…

Written by: April 21, 2018 2:36 pm

नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों से छोटी बच्‍चियों के साथ हो रहे दुष्‍कर्म को लेकर शनिवार को केंद्र की ओर से बड़ा फैसला लिया गया। आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार ने बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्‍सो एक्‍ट) में संशोधन कर आरोपी को फांसी की सजा पर मुहर लगा दिया है। मोदी कैबिनेट में आज बड़ा फैसला लिया गया है। 12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।Modi cabinet

Source: Media Gallery

प्रधानमंत्री आवास पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में शनिवार को यह फैसला लिया गया। अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी। कैबिनेट की बैठक में ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ यानी पॉक्सो एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने से 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो जाएगा।

hanging death

Source: Media Gallery

पॉक्सो एक्ट में अब होगी फांसी की सजा

कैबिनेट की होने वाली मीटिंग को लेकर पहले से ही इसकी संभावना जतायी जा रही थी कि कैबिनेट की बैठक में अध्‍यादेश पर चर्चा की जाएगी और पॉक्सो एक्ट में फांसी जोड़ी जाएगी। कठुआ में पिछले दिनों हुई दुष्‍कर्म की घटना के बाद ऐसे आरोपियों को सख्‍त सजा देने की मांग की गई। कानून में बदलाव के बाद 12 साल तक बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को मौत की सजा होगी। पॉक्सो के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, दोषियों के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है और न्‍यूनतम सात साल की जेल है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार इस कानून के दायरे में आता है। इसके तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गयी। यह कानून लड़के और लड़की को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। इससे पहले दिसंबर, 2012 में हुए निर्भया केस के बाद आपराधिक कानून में बदलाव किए गए थे। इसमें महिला की मृत्यु या मरणासन्न अवस्था में पहुंचने पर ही फांसी का प्रावधान था।

Kathua Rape Case

Source: Media Gallery

इस कानून में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में वकील अलख आलोक श्रीवास्तव की एक जनहित याचिका लंबित है जिसमें छोटे बच्चों के साथ दुष्कर्म पर चिंता जताते हुए कानून को कड़ा किये जाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर सरकार से जवाब मांगा था। सरकार की ओर से शुक्रवार को एडीशनल सालिसिटर जनरल के जरिये एक नोट पेश कर बताया गया कि सरकार पॉक्‍सो कानून में संशोधन कर 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से दुष्कर्म के दोषी के लिए मृत्युदंड का प्रावधान करने पर विचार कर रही है।

गौरतलब है कि कठुआ में एक 8 साल की बच्ची के साथ रेप किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी।