विवेक तिवारी गोलीकांड: योगी ने पूरा किया वायदा, परिवार को सौंपा 40 लाख मुआवजे का चेक

Written by: October 2, 2018 8:16 pm

नई दिल्ली। एप्पल कंपनी के अधिकारी विवेक तिवारी की पुलिस की गोली लगने से हुई मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके परिवार को मुआवजा देने की जो घोषणा की थी उसे मंगलवार को पूरा कर दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद विवेक तिवारी के परिवार को मुआवजे के तौर पर 40 लाख रुपए का चेक सौंपा है।लखनऊ जिला प्रशासन द्वारा स्वर्गीय विवेक तिवारी के परिजनों को आज माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषित आर्थिक सहायता स्वरूप कुल 40 लाख रुपए धनराशि के चेक प्रदान किए गए। जिसमें श्रीमती कल्पना तिवारी (पत्नी) को 25 लाख का चेक, बेटी प्रियांशी को 5 लाख का चेक, दूसरी बेटी दिव्यांशी को भी 5 लाख का चेक और मृतक विवेक की मां अरूणा को भी 5 लाख का चेक अपर जिलाधिकारी ट्रांस गोमती द्वारा सौंपा गया।विवेक तिवाही हत्याकांड की एकमात्र चश्मदीद सना से बातचीत में बताया कि वारदात के बाद पुलिसकर्मियों ने उस पर काफी मानसिक दबाव बनाया। उन्हें पहले कैसर बाग और फिर गोमती नगर थाने में ले जाया गया। और कई तरह का दबाव भी बनाया गया। साथ ही सना ने बताया कि उनकी तहरीर बोलकर लिखवाने वाली महिला कोई और नहीं, आरोपी सिपाही प्रशांत की पत्नी ही थी। तहरीर लिखवाने के दौरान महिला पुलिसकर्मी ने उसके हर बयान पर सवाल किए और उसकी बात काटने की कोशिश की।

सना ने बताया कि विवेक तिवारी की गाड़ी उतनी डैमेज नहीं थी जितनी थाने के अंदर दिखाई गई है। वारदात के वक्त जब उनकी गाड़ी लड़ी थी तब ज्यादा डैमेज नहीं थी। जब रोकने के लिए बोले तब थोड़ी धीमी चल रही थी। सीसीटीवी फुटेज में भी गाड़ी नार्मल स्पीड में चलती दिख रही है, उसी दौरान उन्होंने गोली चलाई थी।

सना ने बताया कि टक्कर के बाद पता चला कि गोली लग गई है। वो मदद के लिए उतरी तो कोई मिला नहीं। एक दो ट्रक खड़े थे। दस पंद्रह मिनट बाद पुलिस आई फिर लोहिया एंबुलेंस के लिए काल किया गया। उनकी सांसे चल रही थी।जब विवेक को लोहिया लेकर आया गया तो उनसे पूछताछ होने लगी और जब उसने डॉक्टर से पूछा तो कहा गया कि पीजीआई रेफर कर दिया गया है। जबकि इसी बीच काफी वक्त बर्बाद हो गया और जिस कारण विवेक की जान चली गई।