वंदे भारत एक्सप्रेस का पहला व्यावसायिक परिचालन शुरू

भारत की पहली हाई स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ आज से आम जनता के लिए शुरू हो गई। स्वदेश निर्मित, हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को यहां से पहला व्यावसायिक परिचालन शुरू हो गया।

Avatar Written by: February 17, 2019 1:12 pm

नई दिल्ली। भारत की पहली हाई स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ आज से आम जनता के लिए शुरू हो गई। स्वदेश निर्मित, हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को यहां से पहला व्यावसायिक परिचालन शुरू हो गया। गौरतलब है कि शनिवार को वाराणसी से दिल्ली पहुंचने के दौरान इसमें खराबी आ गई थी।

रेल मंत्रालय के अनुसार, ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह छह बजे वाराणसी के लिए अपने पहले व्यावसायिक परिचालन के लिए रवाना हुई।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा, “वंदे भारत एक्सप्रेस अपने पहले व्यावसायिक परिचालन पर आज सुबह दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना हुई। अगले दो सप्ताह के लिए टिकट पहले ही बिक चुके हैं। अपनी (टिकट) आज ही बुक कराएं।”


चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आसीएफ) द्वारा निर्मित ट्रेन शनिवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी से लगभग 194 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के चमरौला स्टेशन पर खराब हो गई थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के एक दिन बाद वाराणसी से दिल्ली लौट रही थी।

रेलवे ने शनिवार की रात को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वाराणसी से लौटते समय यह ट्रेन टूंडला स्टेशन पार करने के बाद करीब 18 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के चम्रौला स्टेशन पर रुकी। उसने कहा, ”ट्रेन के बाहरी हिस्से पर शायद कुछ लग जाने के कारण आखिरी की चार बोगियों और शेष ट्रेन के बीच संपर्क की दिक्कत थी। इसके बाद ब्रेक लगाए गए। खामियों के लिए ट्रेन की जांच की गई और फिर वह दिल्ली रवाना हुई।’

ट्रेन 18 को हाल ही में नया नाम ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ दिया गया।


ट्रेन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गत रात ट्वीट किया, ”मोदी जी, मुझे लगता है कि मेक इन इंडिया पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की जरुरत है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि यह विफल हो गई। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि कांग्रेस बहुत गंभीरता से इस पर विचार कर रही है कि कैसे यह होगा।’


इस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने ट्वीट किया, ”यह शर्मनाक है कि आपने भारतीय इंजीनियरों, तकनीकविदों और श्रमिकों की कड़ी मेहनत और प्रतिभा पर हमला किया। इस तरह की मानसिकता को बदलने की जरुरत है। ‘मेक इन इंडिया सफल है और करोड़ों भारतीयों की जिंदगी का हिस्सा है। आपके परिवार के पास सोचने के लिए छह दशक थे, क्या वे पर्याप्त नहीं थे?

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