संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसबंर से… राम मंदिर पर कानून लाएगी मोदी सरकार!

Avatar Written by: November 14, 2018 9:49 pm

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो आठ जनवरी 2019 तक चलेगा। हालांकि बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार पर राम मंदिर पर संसद में कानून लाने का काफी ज्यादा दबाव है। साधु-संत और आरएसएस समेत कई हिंदूवादी संगठनों ने इस संबंध मे मोदी सरकार को अल्टीमेटम भी दे रखा है।तो वहीं ये भी कहा जा रहा है कि इस सत्र में सरकार राम मंदिर पर विधेयक भी ला सकती है। मंत्रिमंडल की संसदीय मामलों की समिति ने संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से 8 जनवरी तक बुलाने की सिफारिश की है। मंगलवार रात केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक उनके आवास पर हुई और संसद सत्र की तारीख पर विचार-विमर्श किया गया।ये भी बता दें कि नरेंद्र मोदी सरकार का ये अंतिम पूर्ण संसदीय सत्र होगा। चूंकि शीतकालीन सत्र अमूमन नवंबर में शुरू होता है, लेकिन यह लगातार दूसरा साल है, जब शीतकालीन सत्र दिसंबर में शुरू होगा। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कारण इस साल सत्र में देरी हुई है।

बता दें कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हो रहे है। इन सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि शीतकालीन सत्र उस दिन से शुरू हो रहा है, जिस दिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने हैं।

क्या राम मंदिर पर संसद में आएगा कानून

इस शीतकालीन सत्र में कई विधेयक पारित होने और कई विधेयकों के पेश होने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। खासकर राम मंदिर पर संसद में विधेयक आने की उम्मीद है। चूंकि मोहन भागवत पहले ही कह चुके हैं कि अब राम मंदिर के लिए कानून बनाना चाहिए।

बता दें कि भागवत के बयान का सीधा मतलब है कि संघ और भाजपा के समर्थकों और राम के प्रति आस्था रखने वालों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार को सदन में राम मंदिर के लिए क़ानून लाना चाहिए।Rakesh Sinha

राकेश सिन्हा कर चुके हैं बड़ा एलान

आरएसएस नेता और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने भी संसद में राम मंदिर पर प्राइवेट मेंबर बिल लाने की बात कही है। हाल ही में सिन्हा ने कहा था, ‘जो लोग बीजेपी और आरएसएस को उलाहना दे रहे हैं कि राम मंदिर की तारीख बताएं, क्या वो उनके प्राइवेट मेंबर बिल का समर्थन करेंगे.’

राकेश सिन्हा ने तो ये भी कहा था कि अगर राहुल गांधी, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव या अन्य नेता उन्हें उनके घर बुलाएंगे, तो वो वहां भी जाने के लिए तैयार हैं।

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