बीकानेर प्रॉपर्टी केस मामले में आज चौथी बार ED के सामने पेश होंगे रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन

ईडी ने कई बार समन जारी किए तो वाड्रा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में अपील दायर कर पूछताछ पर सवाल उठाए थे। लेकिन, उन्हें राहत नहीं मिली।

Written by Newsroom Staff February 12, 2019 9:05 am

नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन  आज जयपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होंगी। आरोप है कि उन्होंने बीकानेर जिले के कोलायत में 79 लाख में 270 बीघा जमीन खरीदकर तीन साल बाद 5.15 करोड़ में बेच दी। ईडी ने कई बार समन जारी किए तो वाड्रा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में अपील दायर कर पूछताछ पर सवाल उठाए थे। लेकिन, उन्हें राहत नहीं मिली।

वाड्रा और उनकी मां सोमवार की दोपहर जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचे। अगर वाड्रा आज ईडी के समक्ष पेश होते हैं तो वह इस जांच एजेंसी के सामने चौथी बार पेश होंगे। पिछले तीन मौकों पर वह ‘‘अवैध’’ तरीके से विदेश में संपत्ति खरीदने में अपनी कथित भूमिका के लिए अपने खिलाफ चल रही धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली में ईडी के समक्ष पेश हुए।

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर के कोलायत में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में पिछले दिनों 64.5 लाख रुपये की संपत्ति को अटैच किया है। इस केस में अब तक प्रवर्तन निदेशालय 1.82 करोड़ रु। की संपत्ति अटैच कर चुका है। यह संपत्ति 12 लोगों व एक कंपनी डॉफिन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की है जो जमीन घोटाले से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसी कंपनी से राबर्ट वाड्रा जुड़े हुए हैं और इसी मामले में ईडी के सामने वाड्रा की पेशी होनी है।

घोटाले में फंसी इस जमीन को बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापित लोगों को अलॉट की किया जाना था। ईडी की यह कार्रवाई प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। इस मामले में कोलायत और बीकानेर के थानों में 18 एफआईआर दर्ज हैं। ये एफआईआर अगस्त और सितंबर 2014 में दर्ज की गई थी। अगस्त 2015 में इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।

इतना ही नहीं ईडी की जांच में पाया गया था कि जमीन घोटाले से जुड़े लोग सरकारी जमीन हथियाने के फेर में थे। इनमें आरोपी रणजीत सिंह और जयप्रकाश ने बीकानेर स्थित कॉलोनाइजेशन विभाग के दफ्तर से खाली अलॉटमेंट लैटर और स्टैंप चुराए थे। ये कागज उस खाली सरकारी जमीन के थे जो महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापित लोगों को अलॉट की जानी थी।

 

वहीं दूसरी ओर अधिकारियों ने बताया कि मामले के जांच अधिकारी (आईओ) धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत वाड्रा और उनकी मां का बयान दर्ज करेंगे।  ईडी ने पिछले हफ्ते दिल्ली में तीन अलग-अलग दिन कुल मिलाकर करीब 24 घंटे की पूछताछ की।

बीकानेर वाले मामले में ईडी ने वाड्रा को तीन बार तलब किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए और आखिरकार अदालत की शरण में गए। ईडी ने जमीन सौदे के सिलसिले में 2015 में एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। राजस्थान पुलिस की तरफ से दर्ज की गई कई प्राथमिकी और दायर किए गए आरोप-पत्रों का संज्ञान लेने के बाद यह केस दर्ज किया गया था।

वहीं पुलिस ने यह मामला तब दर्ज किया जब बीकानेर के तहसीलदार ने भारत-पाक सीमा होने के कारण संवेदनशील माने जाने वाले इलाके में जमीन आवंटन में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत की।