ककड़ी में हैं ये बड़े-बड़े गुण

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नई दिल्ली। ककड़ी बेल पर लगने वाला फल है जिसे गर्मियों में पैदा किया जाता है। अधिकांश घरों में ककड़ी का सेवन सलाद के रूप में किया जाता है। ‘कुकुमिस मेलो वैराइटी यूटिलिसिमय’ के नाम से जाना जाने वाला ककड़ी को भारत की उत्पति माना जाता है। यह न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि इससे कई प्रकार के मानव रोग भी दूर होते हैं।

यहां जानिए ककड़ी के फायदे

ककड़ी के बीजों के साथ, जीरा पीसकर, चीनी मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से ल्यूकोरिया रोग में बहुत लाभ होता है।

खून के विकार को दूर करने के लिए ककड़ी के फूलों को घी में भूनकर काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक मिलाकर शाक बनाकर खाएं।

माना जाता है कि ककड़ी और प्याज का रस पिलाने से शराब का नशा दूर होता है।

शरीर की गर्मी और तेज प्यास के निवारण के लिए ककड़ी के बीज की गिरी को मट्ठे के साथ पीसकर सेवन कीजिए।

गर्मियों में अधिक प्यास लगती हो तो ककड़ी के दो सौ ग्राम रस में थोड़ी-सी चीनी मिलाकर पीने से प्यास शांत होती है।

ककड़ी में पोटेशियम होता है जो उच्च रक्तचाप के रोगी को बहुत लाभ देता है। ककड़ी का दो सौ ग्राम रस रोजाना सेवन कर सकते हैं।

मूत्रावरोध की समस्या होने पर ककड़ी के बीजों को पीसकर उसमें थोड़ा-सा जीरा और चीनी मिलाकर सेवन कीजिए। बहुत लाभ होगा।

ककड़ी अपचन की विकृति को भी दूर करता है। अधिक भोजन कर लेने पर जब पेट में दर्द का अनुभव हो तो ककड़ी खाने से पाचन क्रिया जल्दी होने से दर्द से मुक्ति मिलती है। इससे बना रायता अपचन में बहुत आराम देता है।

गर्मियों में अधिक धूप लगने से चेहरे की त्वचा मटमैली हो जाए तो ककड़ी के टुकड़े चेहरे पर रगड़ने से बहुत लाभ होता है। ककड़ी के डेढ़ सौ ग्राम रस में नींबू का रस और जीरा पीसकर मिलाकर पीने से पेशाब की तेज जलन की समस्या दूर होती है और पेशाब भी सरलता से बाहर आता है।