मिशन 2019: बंगाल फ़तह करने को अमित शाह की रणनीति… ममता को चक्रव्यूह में फंसाने का प्लान

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह की नजर उन राज्यों में खासतौर पर है, जहां पिछले आम चुनाव में उसे खास कामयाबी नहीं मिली थी। इस कड़ी में बीजेपी पश्चिम बंगाल में वो अलग ही दांव खेलने जा रही है, जिससे तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी जा सके। पार्टी ने तय किया है कि वो बंगाल में ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देगी।विश्लेषकों का मानना है कि मुस्लिम घुसपैठियों के खिलाफ भाजपा के पूर्व में उठाए गए कदम से पश्चिम बंगाल में कुछ जगहों पर फर्क पड़ा होगा, लेकिन पार्टी यहां रहने वाली मुस्लिम आबादी को नजरअंदाज नहीं कर सकती है। 2011 की जनगणना की मानें तो पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी 27.1 फीसदी है। अब यहां से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को हराने के लिए बंगाल बीजेपी ने फैसला लिया है कि 2019 के चुनावों में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देंगे।

दमदार मुस्लिम चेहरा की तलाश

मुस्लिम बाहुल्य वाले पनरुई गांव ने भगवा झंडा उठाए जाने के बाद पार्टी ने टैगोर की भूमि बीरभूम में दरार डाल दी थी। 2014 के चुनाव में पहली बार हुई हिंसा का शिकार भी एक मुस्लिम था। पार्टी का एक वर्ग प्रमुख मुस्लिम चेहरे की तलाश में है ताकि मुस्लिमों को आश्वस्त किया जा सके कि पार्टी पूरी तरह से समुदाय के खिलाफ नहीं है। कहा जा रहा है कि एक पूर्व मंत्री को यहां से भाजपा का मुस्लिम चेहरा बनाया जा सकता है।

भाजपा नेता ने बताया कि पिछली बार लोकसभा चुनाव में यहां से दो मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए गए थे। इस बार भाजपा ये संख्या और ज्यादा बढ़ाने के मूड में है। मोहम्मद आलम घाटल से चुनाव लड़े थे और वो 95,000 वोटों से जीते थे, वहीं बादशाह आलम को तमलुक से 86,000 वोट मिले थे।

मेगा रैली की तैयारी

बीजेपी इस बार मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद, बंगाल नॉर्थ और दक्षिण दिनाजपुर जैसे जिलों में समर्थन जुटाने का प्रयास कर रही है। पूर्व विधायक सामिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘ये काजी नजरुल इस्लाम और लेखक एस वाजिद अली, सैयद मुस्तफा सिराज और अब्दुल बसर जैसे लोगों की धरती है। हम लोग उनका सम्मान करते हैं। हम उन लोगों के खिलाफ हैं जो बाहरी सीमाओं से आकर हमारी भूमि में घुसपैठ कर रहे हैं और हमारी जनसांख्यिकी में बदलाव कर रहे हैं।

5 दिसंबर को होने वाली रथ यात्रा के बाद भाजपा अल्पसंख्यकों के लिए शहर में एक मेगा आयोजन करने की तैयारी कर रही है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी बढ़ी है। भाजपा ने 2018 के पंचायत चुनाव में लगभग 800 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। उन्होंने दावा किया कि अब बंगाल में लोग भाजपा को तृणमूल के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश में जिन जगहों पर मुस्लिम आबादी ज्यादा है, वहां भी बीजेपी मजबूत हुई है।

बढ़ गए बीजेपी के मुस्लिम वर्कर्स

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर लोगों में गलतफहमी हुई है। ये संशोधन मुस्लिम घुसपैठियों को निर्वासित करने के लिए है ना कि यहां के नागरिक मुस्लिमों को परेशान करने के लिए। हम लोगों ने मुस्लिमों के दिल से इस बिल को लेकर बैठे डर को निकालना शुरू कर दिया है। तीन तलाक को लेकर भाजपा के फैसले से मुस्लिम महिलाएं बहुत खुश हैं।

भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अली होसैन ने कहा कि भाजपा में मुस्लिम सदस्यों की संख्या बीते वर्षों में बढ़ी है। 2014 में पार्टी में सिर्फ 50,000 मुस्लिम सदस्य थे, वहीं ये अब बढ़कर दो लाख हो गए हैं।

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