मन्नान वानी की मौत को सोशल मीडिया में बताया जा रहा शहादत, लोग कर रहे उनकी आत्मा की शांति की दुआ

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। कुपवाड़ा जिले में आज सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक पीएचडी छात्र सहित दो कश्मीरी आतंकवादी मारे गए। मुठभेड़ शटगुंड गांव में हुई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पीएचडी छात्र व हिजबुल कमांडर मन्नान बशीर वानी जनवरी में आतंकवादी संगठन में शामिल हुआ था। वह एक अन्य कश्मीरी आतंकवादी के साथ मुठभेड़ में मारा गया।terrorist

इस एनकाउंटर में मारे गए मन्नान वानी के जनाजे में आज कश्मीर में हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं इस भीड़ में आजादी के नारे बी लगाए गए। इस एनकाउंटर को वहां उपस्थित लोग हत्या बता रहे थे। वहीं कई लोग मन्नान बशीर वानी की इस मौत को शहादत तक बता रहे हैं।

मन्नान वानी के कश्मीर में एनकाउंटर में मारे जाने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तेज हो गई है, एएमयू के पूर्व छात्र व कश्मीरी छात्र मन्नान वानी को सोशल मीडिया पर शहादत की उपाधि दे रहे हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एएमयू के एक छात्र ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वह एक आत्मा नहीं थे जिसको खत्म किया जा सके… आप एक विरासत हैं जो हमेशा हमारे दिल में रहेंगे…. अल्लाह आप के शाहदत को स्वीकार करे। यह मन्नान वानी के पक्ष में लिखा गया था जिसपर खूब सारी प्रतिक्रियाएं आ रही है।

वहीं जम्मू कश्मीर में सेना की गोली से मारे गए AMU के रिसर्च स्कॉलर मन्नान वानी की मौत की खबर पर AMU के छात्रों का कहना है कि उसने जब प्रतिबंधित संगठन को ज्वाइन किया तभी उसको यहां से निलंबित कर दिया था। जब मीडिया से उसके बारे में जानकारी मिली तो हमने उसके बारे में सरकार से जानकारी मांगी थी जो हमें नहीं मिली थी। हम ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल किसी भी शख्स के साथ नहीं है। AMU में पूरे देश से अलग अलग विचारधारा के लोग आते हैं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। हम इसके खिलाफ हैं।Aligarh Muslim University

एएमयू के छात्रों की तरफ से कहा गया कि हमको अभी जानकारी मिली हैं कि मुठभेड़ में उसको मार गिराया गया है। अगर वो आतंकी था तो आतंकी के साथ जैसा सलूक करना चाहिए था वैसा हुआ है। पर यहां जांच का विषय है कि उसने ऐसा क्यों किया। सरकार को इस पर भी ध्यान देना चाहिए की मन्नान वानी जैसा होनहार छात्र इस तरह के आतंकवादी संगठन को क्यों ज्वाइन करता है। क्या कश्मीर में ऐसी कोई समस्या है जिसकी वजह से उसने ऐसा किया। क्या उसको ऐसा लगा की उसकी बात नहीं सुनी जा रही। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए और कश्मीर के मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। ताकि कोई भी नौजवान इस तरह के संगठन को ज्वाइन ना करे।

Manan Wani
मन्नान वानी की मौत को सोशल मीडिया में बताया जा रहा शहादत

वहीं सोशल मीडिया पर मन्नान वानी के समर्थन में प्रतिक्रिया देनेवालों की बाढ़ आ गई है। लोग उसके आत्मा की शांति की दुआ कर रहे हैं।

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