छठ पूजा: डूबते सूर्य को अर्घ्य देते समय इन बातों का रखें ध्यान

प्रयास करें कि सूर्य को जब अर्घ्य दे रहे हों, सूर्य का रंग लाल हो।

Written by: November 2, 2019 11:33 am

नई दिल्ली। छठ पूजा का आज विशेष दिन है। आज के दिन छठ व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य अपर्ण करेंगी और अगले दिन उगते हुए सूर्य के पूजा का इंतजार करेगी। छठ पूजा में विशेष तौर पर डूबते हुए और उगते हुए सूर्य की पूजा की जाती है।

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छठ पूजा को मन्नतों का पर्व भी कहा जाता है। इस व्रत में शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्धता का विशेष ख्याल रखा जाता है। छठ का पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है। ये अर्घ्य डूबते सूरज को दिया जाएगा। इस समय जल में दूध डालकर सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य दिया जाता है।

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छठ पूजा बहुत कड़े नियमों के साथ शख्ती से की जाती है। आइए जानते हैं कि डूबते सूर्य को अर्घ्य देते समय किन बातों का विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए।

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जानें सूर्य को अर्घ्य देने के नियम

– अर्घ्य देने के लिए जल में जरा सा दूध मिलाया जाता है, बहुत सारा दूध व्यर्थ न करें।

– टोकरी में फल और ठेकुआ आदि सजाकर सूर्य देव की उपासना करें।

– उपासना और अर्घ्य के बाद आपकी जो भी मनोकामना है, उसे पूरी करने की प्रार्थना करें।

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– प्रयास करें कि सूर्य को जब अर्घ्य दे रहे हों, सूर्य का रंग लाल हो।

– इस समय अगर अर्घ्य न दे सकें तो दर्शन करके प्रार्थना करने से भी लाभ होगा।

किन लोगों को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य जरूर देना चाहिए?

– जो लोग बिना कारण मुकदमे में फंस गए हों

– जिन लोगों का कोई काम सरकारी विभाग में अटका हो

– जिन लोगों की आंखों की रौशनी घट रही हो

– जिन लोगों को पेट की लगातार समस्या रहती हो

– जो विद्यार्थी बार बार परीक्षा में असफल हो रहे हों

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तो फिर इस बार आप भी भगवान भाष्कर को अर्घ्य अर्पण करें और उनसे पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त करें।