भूल कर भी ना करें ऐसे कार्य जिससे दिवाली पर रूठ जाए मां लक्ष्मी

दिवाली की रात पीपल के नीचे तेल का दीपक ज़रूर जलाएं। यदि पीपल ना हो तो किसी चौराहे पर दीपक जला कर पीछे पलट कर मत देखें और चुपचाप अपने घर को लौट आएं।

दिवाली के दिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हम भूल कर भी कुछ ऐसा न करें कि जिससे देवी लक्ष्मी हमसे नाराज हो जाएं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री जी से जानिये वो काम जिनसे देवी लक्ष्मी रूठ सकती हैं।

भूलकर भी किसी को ख़ाली हाथ न जाने दे :-ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की दीपावाली पर कोई भिखारी या अन्य कोई, आपके घर कुछ माँगने आए तो उसको ख़ाली हाथ न लोटाए। उसको कुछ ना कुछ अवश्य दें।

रात को सोए नही :- लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए दिवाली की रात सोए नही, बल्कि रात भर जागरण कर देवी लक्ष्मी के मंत्रो का विधि-विधान से जप करें। ये अचूक उपाय हैं।

बिना स्नान फूल न तोड़े:- ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की दिवाली के दिन पूजा के लिए बिना स्नान करे फूल ना तोड़े| स्नान करके ही फूल तोड़े।

नशा न करें:- दिवाली के दिन नशा करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त नही होती| इसलिए दिवाली के दिन नशा न करें।

किसी से विवाद न करें:- दिवाली पर किसी से विवाद न करे| मन को शांत रखें।

बड़ों का अपमान न करें:- ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की दिवाली पर पूजा के बाद बड़े- बुज़ुर्ग का आशीर्वाद लें| दिवाली के दिन भूल कर भी बड़े-बुज़ुर्गों का अपमान न करें।

बासी फूल न चढ़ाए:- दिवाली पर लक्ष्मी जी को ताज़े फूल ही चढ़ाए| इससे महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी, उनको बासी फूल न चढ़ाए।

जुआ न खेलें:- दिवाली पर देवी लक्ष्मीजी की कृपा पाना चाहते हो, तो दिवाली के दिन जुआ ना खेले।

स्त्री संग(सम्भोग/सहवास) न करें:- ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की दिवाली के दिन भूल कर भी पत्नी या अन्य स्त्री के संग (सम्भोग/सहवास) ना करें और ना ही अपने मन में काम भावना आने दें।

भेदभाव न करें:- दिवाली के दिन उपहार देते समय परिवार के लोगों के बीच भेदभाव ना करें। इससे भी देवी लक्ष्मी जी नाराज़ हो जाती हैं।

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दीपावली 2019 के शुभ पर्व पर जानें लक्ष्मी प्राप्ति के कुछ उपाय

इस धरती पर हर जातक धन और ऐश्वर्य की चाह रखता है, और इसके लिए कड़ी मेहनत के साथ साथ तरह तरह के उपाय भी करता है। मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है। कहते है कि मां लक्ष्मी की आराधना से जीवन में किसी भी भौतिक सुख सुविधा की कमी नहीं रहती है।

दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा आराधना का अत्यंत महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा करने से घर में स्थाई सुख समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार दीपावली के दिन किये गए लक्ष्मी प्राप्ति के उपायों से अति शीघ्र फल मिलता है।

यहां पर दिवाली पर लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय बता रहे है जिससे घर में अवश्य ही मां लक्ष्मी का वास होगा।

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जानिए दिवाली पर लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय

यदि आप गृह कलेश से पीड़ित है आपके घर की सुख शांति दूर हो गयी है तो आप दीपावली के दिन मां लक्ष्मी के पूजन के बाद २ गोमती चक्र लेकर एक डिब्बी में पहले सिंदूर रखकर उस पर उनको रख दें फिर उस डिब्बी को बंद करके घर के किसी एकांत स्थान में रख दें। इसे घर के किसी भी सदस्य को नहीं बताएं,घर में शीघ्र ही शांति हो जाएगी।

दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन के समय २ अकीक लक्ष्मी जी के चरणों में रख दें। पूजन के पश्चात अर्ध रात्रि को इन दोनों को घर के किसी कोने में भूमि में खोद कर गाड दें बिगड़े काम बनते नजर आयेगें।

रात्रि की समाप्ति से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में घर की स्त्रियाँ घर के कोने कोने में कुछ खट खट करते हुए यह कहे की हे अलक्ष्मी ! अब आप इस घर से चली जाओ क्योंकि यहाँ पर माँ लक्ष्मी का निवास हो गया है ऐसा करने से उस घर में दिनों दिन लक्ष्मी का भंडार बढ़ता है।

दीपावली के दिन विष्णु सहस्त्रनाम,लक्ष्मी सूक्त का पाठ अवश्य करें और अगर हो सके तो इनके कैसेट अवश्य चलायें।

लक्ष्मी पूजन के समय ११ कौड़ियों को गंगाजल से धोकर लक्ष्मी जी को अर्पण करें और उन पर हल्दी कुमकुम लगायें।अगले दिन इन्हें लाल कपडे में बंधकर तिजोरी में रख दें इससे आय में निश्चित वृद्धि होती है।

तंत्र शास्त्र में गोमती चक्र को बहुत ही शक्तिशाली माना जाता है। दीपावली की रात में 9 गोमती चक्र लेकर उसे भी पूजा में रखे फिर अगले दिन इन्हें भी अपनी तिजोरी में लाल या पीले वस्त्र में लपेट कर रख दें फिर देखे आपका भाग्य कैसे आपका साथ देने लगता है?

दीवाली के दिन एक नयी झाड़ू खरीद लायें पूजा से पहले उससे थोड़ी सी सफाई करें फिर उसे एक तरफ रख दें अगले दिन से उसका प्रयोग करें इससे दरिद्रता दूर भागेगी ओर लक्ष्मी का आगमन होगा।

पूजा में माँ लक्ष्मी के चरणों में एक लाल तथा एक सफेद हकिक पत्थर रखें दोनों के योग से चन्द्र मंगल लक्ष्मी योग बनता है,पूजा के बाद इन्हें अपने पर्स में रख लें।

दीपावली में लक्ष्मी जी की पूजा में श्री यंत्र, कुबेर यंत्र, व्यापार वृद्धि यंत्र, वीसा यंत्र,दक्षिणवर्ती शंख,एकाक्षी नारियल,हत्था जोड़ी आदि भी रखकर उनकी भी पूजा करनी चाहिए।जिस घर में यह शुभ यंत्र,धनदायक वस्तुएं रहती है उस घर के सदस्यों को धन की कोई भी कमी नहीं रहती है, अगर जातक की कुंडली में निर्धनता लिखी हो तो वह भी बदल जाती है।

दीपावली पर सांयकाल पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाकर पीपल को प्रणाम करके अपनी मनोकामना कहे, माँ लक्ष्मी का भी ध्यान करें फिर लौट जाएँ और पीछे मुड़कर ना देखे।आपको अवश्य ही माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।यह प्रयोग बिल्कुल चुपचाप करें।

दीपावली के दिन घर के मुख्य द्वार पर कुमकुम से स्वस्तिक बनायें और बासमती चावल की ढेरी बनाकर उस पर एक सुपारी में कलावा बांधकर रख दें, यह धन प्राप्ति का अचूक प्रयोग है।

दीपावली के दिन अमावस्या होती है अतः अपने पूर्वजो को अवश्य याद करें,प्रातः उनका तर्पण करें और किसी वृद्ध और गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं या यथा शक्ति दान दें,ऐसा करने से उस व्यक्ति को अपने पित्तरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति बनी रहती है।

यदि बहुत प्रयास करने पर भी किसी व्यक्ति को मकान का सुख नहीं प्राप्त हो रहा है,तो वह दीपावली को किसी भूखे को भगवान समझ कर उसे प्रेम पूर्वक भोजन कराएँ और थोडा गुड खरीद कर गाय को खिला दें।उसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को नियम से भूखे व्यक्ति को भोजन और रविवार को गाय को गुड खिलाएं।१ वर्ष तक ऐसा करें आपकी वर्षों की अभिलाषा कैसे पूरी होगी यह आपको भी पता नहीं चलेगा।

यदि आपको यह अनुभव होता है की आपके व्यापार या नौकरी में उन्नति नहीं हो रही है तो दीपावली की रात्रि में कच्चा सूत लेकर उसे शुद्ध केसर से रंगकर भाई दूज के दिन माँ लक्ष्मी का स्मरण करते हुए अपने व्यापारिक स्थल में बांध दें,इस प्रयोग से व्यापर में निश्चित ही उन्नति होती है। नौकरी वाले इसे अपनी टेबिल,अलमारी,ड्रार कहीं भी बांध सकते है।

दीपावली को सुबह समय अगर गन्ने की जड़ को नमस्कार करके घर में लाये और रात्रि में लक्ष्मी पूजन के समय उसकी भी पूजा करें,तो ऐसा करने से घर में अटूट लक्ष्मी का वास होता है।

दीपावली की रात्रि में व्यापारिक स्थल में पूजा करने जाते समय शुद्ध केसर मिली मीठी दही खाकर घर से प्रस्थान करें और उसके बाद माँ लक्ष्मी का पूजन करें तो उस व्यापार में बरकत रहती है।

दीपावली के दिन में पाँच पीपल के पत्तों को तोड़कर घर में ले आयें,रात्रि में लक्ष्मी पूजन के बाद उन पत्तों पर पनीर,दूध से बना कोई भी मिष्टान रख कर उसे पीपल के पेड़ को अर्पित कर दें और अपनी इच्छा बोल दें,कार्यों में सफलता मिलने लगेगी।

दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा के समय माँ को सुगन्धित इत्र और केसर जरुर अर्पित करें,अगले दिन से पूरे वर्ष इस केसर का तिलक और इत्र लगाकर काम पर जाने से आर्थिक सफलता मिलती है।

दिवाली पर की गई पूजा से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पुरानी परंपराओं के अनुसार कुछ खास काम बताए गए हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री  से जानिए ऐसे काम जो दिवाली तक रोज करते रहने से किस्मत से जुड़ी सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।

यह बात तो सब जानते ही होंगे कि पांच दिवसीय दीपावली उत्सव धनतेरस से शुरू होता है। इस दिन धनवंतरि का प्रगट दिवस मनाकर आयु तथा आरोग्य, स्वास्थ्य सुरक्षा के उपायों के बारे में प्रार्थना, चिंतन व मनन किया जाता है। शाम को यम के प्रति हर घर में दीप का दान इस भाव से किया जाता है कि किसी को भी अकाल मृत्यु का भय नहीं सताए। इस दिन वर्षभर के लिए आवश्यक बर्तनों की खरीदारी भी शुभ चौघडि़ए में की जाती हैं। लक्ष्मी को धन एवं ऐश्वर्य की देवी के रूप में पूजा जाता है।

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यहां नहीं रूकतीं लक्ष्मी

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री के शास्त्रानुसार नारी को नारायणी अर्थात गृहलक्ष्मी निरूपित करते हुए मान्य बताया गया है, उनका किसी भी स्थिति में अपमान, भ्रूण हत्या जैसे घृणित कृत्य करने वाले मां लक्ष्मी की पूजा के अधिकारी नहीं हैं। उन्हे जीविका चलाने के लिए दूसरों पर आश्रित रहना पड जाता है। महालक्ष्मी की कृपानुसार, धन बल को बढ़ाने में सूर्य-चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति व शुक्र ग्रह की भूमिका भी इसी प्रकार देखी जानी चाहिए। इनके कारण ही मनुष्य में निर्देशन, प्रबंधन, व्यवस्थापन, साहस व सुरक्षा के अधिकारी भाव, बुद्धिबल, दायित्व तथा सुख आदि स्थिर रहते हैं।

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ऐसे होता है धनक्षय—

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री  ने बताया की धन प्राप्ति के 20 से अधिक प्रकार के योग होते हैं। साथ में इतने ही योग धनक्षय यानी विपन्नता के भी मिलते हैं। जब चंचला भगवती लक्ष्मी को घर छोड़ना है, तो मतिभ्रम होना भी स्वाभाविक हैं, विवेक शून्यता आ जाने से निर्णय ले पाने में व्यक्ति असमर्थ हो जाता है।  वास्तव में धनक्षय होना बर्बादी का रूप माना जाता है। लोगों में जब प्रतिद्वंद्विता की भावना, अपवित्रता, दुर्व्यसन, दुराचरण, चोरी, क्रोध एवं अशांति उत्पन्न होने लगते हैं तो इस स्थिति में लक्ष्मी (धन) ठहरना पसंद ही नहीं करती, क्योंकि इस पृष्ठभूमि में भी ग्रहों की डोर व्यक्ति को चलाती रहती हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए दीपावली पर लक्ष्मी पूजन होता है। इनका प्राकट्य चूंकि कार्तिक अमावस को हुआ और धनवंतरि भी कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को निकले थे तो इसी दिन पूजा का विधान किया गया है।

दिवाली अर्थात लक्ष्मी जी का पूजन होता है. ये दिन महालक्ष्मी की कृपा पाने का विशेष समय है. इन दिनों में लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कौन-कौन से चमत्कारी उपाय किए जा सकते हैं। दीवाली का सर्वाधिक महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में सही विधि-विधान से लक्ष्मी का पूजन करने पर अगली दीवाली तक के लिए लक्ष्मी कृपा से घर में धन और धान्य की कमी नहीं आती है। साथ ही शास्त्रों में बताए टोने-टोटके के उपायों से भी बहुत जल्दी ही लक्ष्मी की प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है।

यहां आपको ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री कुछ  उपाय बता रहे हैं। इन उपायों में से यदि आप 4-5 उपाय भी कर लेंगे तो लक्ष्मी जी की प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है…

—दिवाली में ब्रह्म मुहूर्त में उठिए, पानी में थोडा कच्चा दूध काले तिल और गंगाजल मिला लीजिये और इस पानी से स्नान कीजिये.

—-स्नान के बाद नए कपडे पहने और सूर्य को जल अर्पित करें, जल के साथ ही लाल फूल भी अर्पित करें.

—-अशोक के पत्तों से वन्दनवार बनाये और दरवाजों पर लगायें।

— धन प्राप्ति की कामना करने वाले व्यक्ति को दीपावली की रात मुख्य दरवाजे की चौखट के दोनों ओर दीपक अवश्य लगाना चाहिए।

—– घर के आसपास जो भी मंदिर हो वहां रात के समय दीपक अवश्य लगाएं। इससे सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। – घर के आंगन में भी दीपक लगाना चाहिए। ध्यान रखें यह दीपक भी रातभर बुझना नहीं चाहिए।

—हमारे घर के आसपास वाले चौराहे पर रात के समय दीपक लगाना चाहिए। ऐसा करने पर पैसों से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।

—किसी बिल्व पत्र के पेड़ के नीचे दीपावली की शाम दीपक लगाएं। बिल्व पत्र भगवान शिव का प्रिय वृक्ष है। अत: यहां दीपक लगाने पर उनकी कृपा प्राप्त होती है।

—–इस दिन अमावस्या रहती है और इस तिथि पर पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने पर शनि के दोष और कालसर्प दोष समाप्त हो जाते हैं

—पीपल के पेड़ के नीचे दीपावली की रात एक दीपक लगाकर घर लौट आएं। दीपक लगाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने पर आपकी धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

— यदि संभव हो सके तो दिवाली की रात के समय किसी श्मशान में दीपक लगाएं। यदि यह संभव ना हो तो किसी सुनसान इलाके में स्थित मंदिर में दीपक लगा सकते हैं।

—- घर के पूजन स्थल में दीपक लगाएं, जो पूरी रात बुझना नहीं चाहिए। ऐसा करने पर महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

—–दिवाली के दिन हनुमान जी के मंदिर में  तेल का दीपक जलाएं, इस दीपक में एक लौंग भी डालें, और हनुमान चालीसा का पाठ करें. और आरती गायें।

—–इन दिन माँ लक्ष्मी के मंदिर में 3 झाड़ू दान करने चाहिए।

—–दीवाली के दिन किसी जरूरतमंद/गरीब को काला कम्बल, कपडे और मिठाई ज़रूर दान करें, इस से शनी, रहू केतु के दोष शांत होते हैं।

—-इस दिन किसी किन्नर से बात करके उसकी ख़ुशी से एक रुपैये का सिक्का लें और उस सिक्के को दिवाली पूजन के बाद अपने पर्स में रखें, पुरे साल बरकत बनी रहेगी।

—दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिला दूध भरकर भगवान् विष्णु का अभिषेक करें. इससे माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है और साधक को मालामाल कर देती है।

—–शाम को घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं इस में थोड़ी केसर भी मिलाएं। इस से रुका हुआ धन आने के योग बनते हैं।

—–श्री यंत्र की पूजा करें और बाद में इसको अपने पूजा कक्ष में रख दीजिये, इस से धन आने के सम्भावना बढती है।

—–शुभ मुहुरत में लक्ष्मी गणेश की मूर्ति तिजोरी में रखें। इस से घर में धन की कभी कमी नहीं रहेगी।

—–शाम को पीपल के पेड़ के पास पंचमुखी दीपक जलाएं और माँ लक्ष्मी से धन की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। यह चमत्कारिक उपाय है।

—–माता लक्ष्मी के मंदिर में कमल गट्टे की माला अर्पित करें। इस उपाय से माँ लक्ष्मी आप पर ज़रूर प्रसन्न होगी।

—-अगर आप क़र्ज़ से परेशान हैं तो आप किसी लक्ष्मी मंदिर से पानी लाकर पीपल पर चढ़ाना शुरू कर दें, इस से जल्दी ही आपका क़र्ज़ उतरना शुरू हो जायेगा।

—–जमा पूंजी खर्च हो रही हो तो पीपक के 5 पत्तों को पीले चन्दन में रंगकर बहते हुए जल में बहा दें। जमा पूंजी लगातार बढ़नी शुरू हो जाएगी।

—-दीवाली के पाँचों दिन घर में शान्ति बनाये रखें और कलेश ना हो, कलेश वाले घर में लक्ष्मी जी नहीं आती।

—-इस दिन पीपल का पौधा लगाने वाले व्यक्ति के घर में सदा बरकत बनी रहती है। धन धान के भण्डार भरपूर रहते हैं।

—-महालक्ष्मी जी के पूजन के समय सबसे पहले श्री गणेश जी की पूजा करें। उनको दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें। ऐसा करने से गणेश जी के साथ में माँ लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।

—-महालक्ष्मी के महामंत्र ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद् श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम: का कमलगट्टे की माला से कम से कम 108 बार जप करें।

—–दीपावाली पर श्रीसूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। रामरक्षा स्तोत्र या हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ भी किया जा सकता है।

—–महालक्ष्मी पूजन में दक्षिणावर्ती शंख रखें, माँ लक्ष्मी को ये शंख बहुत प्रिय है. इसकी पूजा करने से घर में सुख शांति बनी रहती है।

—दीवाली की पूजा के लिए स्थिर लग्न श्रेष्ठ माना जाता है, इस लग्न में पूजा करने से माँ लक्ष्मी स्थायी रूप से विराजमान रहती हैं।

—-महालक्ष्मी की पूजा करते समय मां लक्ष्मी और कुबेर दोनों की पूजा करें। इस से धन का वास रहेगा।

—-मां लक्ष्मी की फोटो लाते समय ऐसी फोटो भी लायें जिसमे श्री विष्णु जी के चरणों की दिशा में माँ लक्ष्मी विराजमान हो। इस से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

—पूजा में पीली कौड़िया भी रखनी चाहिए। एक नारियल पर कुमकुम, फूल, चावल, अर्पित कर इसको पूजा में रखें। पूजा में एक हल्दी की गाँठ भी रखें, और पूजा के बाद हल्दी की गाँठ को पैसो के साथ अपनी तिजोरी में रखें। पूजा में सुपारी भी रखें और सुपारी पर फूल, चावल, कुमकुम आदि चढ़ा कर इसको तिजोरी में रखना चाहिए।

—-एक बात का विशेष ध्यान रखें कि माह की हर अमावस्या पर पूरे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जानी चाहिए। साफ-सफाई के बाद घर में धूप-दीप-ध्यान करें। इससे घर का वातावरण पवित्र और बरकत देने वाला बना रहेगा।

—-पूजा में उन सभी चीजों की पूजा करें जिनसे आपको कमाई  होती हो।

—-दूकान की या ऑफिस के बाहर दोनों तरफ स्वास्तिक बनाये और इसके नीचे शुभ लाभ लिखें।

—-अपनी तिजोरी में लाल रंग का कपडा रखना चाहिए। ऐसा करने से तिजोरी धन से भरपूर रहती है।

—–दिवाली की रात देर रात तक घर का दरवाज़ा खुला रखें। ऐसी मान्यता है के मां लक्ष्मी बंद घर में नहीं आती।

—–दिवाली की रात पीपल के नीचे तेल का दीपक ज़रूर जलाएं। यदि पीपल ना हो तो किसी चौराहे पर दीपक जला कर पीछे पलट कर मत देखें और चुपचाप अपने घर को लौट आयें।

—–दीवाली की रात को घर में लगाये हुए तुलसी के पौधे के नीचे देसी घी या तेल का दीपक ज़रूर जलाएं।

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ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की हिन्‍दु धर्म में दीपावली की रात को दीपक जलाए रखने के संदर्भ में एक मान्‍यता और कि पितृपक्ष में श्राद्ध के दौरान पृथ्‍वी पर आने वाले पितरों को फिर से पितृ लोक में पहुंचने में परेशानी न हो, इस हेतु दिवाली की पूरी रात दीपकों द्वारा प्रकाश किया जाता है, जो पितरों को पितृ लोक का रास्‍ता प्रकाशित करने हेतु होते हैं। इस प्रथा का बंगाल में विशेष प्रचलन है। इस दिन भगवान विष्णु और शिवजी की पूजा करनी चाहिए और पितरों की पूजा भी करनी चाहिए ताकि पितरों को शान्ति मिल सके और पितृ दोष निवारण भी हो सके |