जानिए माता दुर्गा के उन मंत्र को जिनसे होगा आपका दुःख निवारण ओर मिलेगी सुख समृद्धि

गरीब कन्याओं को खुश किया जाए, उन्हें भोजन-कपड़े इत्यादि दान किए जाएं तो ऐसा करने से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर अपार कृपा करती हैं।

मां दुर्गा हिंदू धर्म की प्रमुख देवियों से एक हैं, जिन्हें देवी व शक्ति के नाम से भी जाना जाता है। इतना ही नहीं इतनी तुलना परम पिता ब्रह्मा तक से की जाती है। कहा जाता है कि देवी दुर्गा से ही संसार की रचनी हुई है, इस संसार का निर्माण करने वाली कोई और नहीं बल्कि देवी आदिशक्ति ही है। इसीलिए ही हिंदू धर्म में किसी भी अन्य देव की तुलना में शक्ति के रूप की पूजा अति फलदायी मानी जाती है।

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मां से ही सृष्टि का सृजन

देवी भागवत में बतलाया गया है की इस सम्पूर्ण सृष्टि का सृजन, पालन एवं संहार करने वाली आदि शक्ति माता दुर्गा है। गौरी, काली, लक्ष्मी तथा सरस्वती ये सभी मां दुर्गा के ही विभिन्न रूप है। असुरो के अत्याचारो से तीनो लोको को मुक्ति दिलाने के कारण ही माता का नाम देवी दुर्गा पड़ा।

तो आईए ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी से आदिशक्ति माँ दुर्गा  से जुड़े कुछ एेसे उपाय जानें, जिसे करने से आपके घर में भी सुख-समृद्धि का आगमन होने लगेगा।

मां दुर्गा की पूजा के नियम कठिन अवश्य हैं, लेकिन जो भी भक्त उन्हें पूर्ण निष्ठा से कर लेता है उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है। मां दुर्गा अपने भक्तों की शत्रुओं एवं बुरी ताकतों से भी रक्षा करती हैं। दुर्गा पूजन एवं उन्हें प्रसन्न करने से भक्त को अनगिनत लाभ होते हैं।उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित दयानन्द शास्त्री जी आपको मां दुर्गा को प्रसन्न करने के कुछ शास्त्रीय उपाय बताने जा रहे हैं। यह सभी उपाय बेहद सरल हैं और परिणाम आश्चर्यजनक।

मान्यताओं के अनुसार जो सच्चे मन से विधिवत मां दुर्गा की पूजा करता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पुराणों के अनुसार मां दुर्गा की पूजा के नियम कठिन अवश्य हैं, लेकिन जो भी भक्त इन्हें पूर्ण निष्ठा से करता है उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है। मां दुर्गा अपने भक्तों की शत्रुओं एवं बुरी ताकतों से सदैव रक्षा करती हैं।

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मां दुर्गा का नाम जाप 

शास्त्रों के अनुसार चाहे पृथ्वी लोक हो या कोई भी अन्य लोक, हर पापी मां दुर्गा के नाम से डरता है। इसलिए यदि भक्त सच्चे मन से केवल देवी का नाम भी ले, यानि कि उनके नाम का जाप करे तो उसके कई संकट दूर हो जाते हैं।

दुर्गा मंत्र

अगर जीवन में कोई परेशानी चल रही हो, तो मां दुर्गा के किसी भी मंत्र का एक माला का जाप करें। आप किसी ज्योतिषी या विशेषज्ञ से मां दुर्गा के मंत्र के बारे में जान सकते हैं।

चंडी पाठ या दुर्गा सप्तशती पाठ

मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए चंडी पाठ या फिर दुर्गा सप्तशती पाठ का बेहद महत्व बताया जाता है। अगर यह दोनों ही पाठ नियमानुसार पढ़ें जाएं तो उस पर मां दुर्गा की अपार कृपा होती है।

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इन मंत्र के उच्चारण से जीवन भय एवं बाधारहित होकर समस्त सुखों को प्राप्त‍ करता है। मां दुर्गा के स्वरूपों का स्मरण करते हुए निम्न मंत्रों का जप नवरा‍त्रि के अलावा प्रतिदिन किया जाए तो अधिक से अधिक सफलता प्राप्त होती है। अत: प्रत्येक मनुष्य को इन प्रभावी मंत्रों का जप अवश्य करना चाहिए।

आपके लिए प्रस्तुत है मां दुर्गा के प्रभवि ओर लाभकारी प्रिय मंत्र —

1.–* सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

  1. ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

  1. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

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या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

  1. नवार्ण मंत्र —

‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ का जाप अधिक से अधिक अवश्‍य करें।

अन्यथा दुर्गा बीज मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है – “ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नम:”

इस मंत्र का रोज़ाना एक माला यानि 108 बार जाप करना फलदायी सिद्ध होता है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार दुर्गा मंत्र रात्रि के समय अधिक असर दिखाते हैं, इसलिए संभव हो तो रात्रि में ही दुर्गा साधना करें।

ऐसी कन्याओं की मदद करें—

गरीब कन्याओं को खुश किया जाए, उन्हें भोजन-कपड़े इत्यादि दान किए जाएं तो ऐसा करने से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर अपार कृपा करती हैं।

मां दुर्गा का व्रत—

मासिक दुर्गाष्टमी या फिर नवरात्रि का उपवास करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। इस व्रत को करने की विधि एवं नियम भी कठिन नहीं होते। यदि सच्चे मन से किया जाए तो व्रत सफल होता है और देवी प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करती हैं।

जपा पुष्प

मां दुर्गा का जाप करते समय उन्हें ‘जपा पुष्प’ का फूल अर्पित करें। ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं।

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यह स्त्रोत्र भी देगा आपको शक्ति और समृद्धि—

स्तोत्र

जय भगवति देवि नमो वरदे जय पापविनाशिनि बहुफलदे।

जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे॥1॥

जय चन्द्रदिवाकरनेत्रधरे जय पावकभूषितवक्त्रवरे।

जय भैरवदेहनिलीनपरे जय अन्धकदैत्यविशोषकरे॥2॥

जय महिषविमर्दिनि शूलकरे जय लोकसमस्तकपापहरे।

जय देवि पितामहविष्णुनते जय भास्करशक्रशिरोवनते॥3॥

जय षण्मुखसायुधईशनुते जय सागरगामिनि शम्भुनुते।

जय दु:खदरिद्रविनाशकरे जय पुत्रकलत्रविवृद्धिकरे॥4॥

जय देवि समस्तशरीरधरे जय नाकविदर्शिनि दु:खहरे।

जय व्याधिविनाशिनि मोक्ष करे जय वाञ्छितदायिनि सिद्धिवरे॥5॥

एतद्व्यासकृतं स्तोत्रं य: पठेन्नियत: शुचि:।

गृहे वा शुद्धभावेन प्रीता भगवती सदा॥6॥